फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   warriors short of resources fighting war on corona

कोरोना से जंग लड़ रहे योद्धाओं के पास संसाधनों की कमी

Tue, 24 Mar 2020 11:57 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2020 11:57 PM IST
विज्ञापन
warriors short of resources fighting  war on corona
देश के लोगों ने भले ही कोरोना के खिलाफ जंग में सबसे आगे खड़े स्वास्थ्य कर्मियों के लिए तालियां और थालियां बजाई हों लेकिन, स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत कुछ और ही ही। कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन किट, ग्लब्स, एन-95 मास्क आदि जरूरत के मुताबिक उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य कर्मी इस पर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में काम करना मुश्किल है। जिम्मेदारों का कहना है कि अभी शहर में एक भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, चिकित्सकीय संसाधनों में कोई कमी नहीं की जाएगी।
विज्ञापन

शहर में कोराना के मरीजों के उपचार के लिए मुख्य व्यवस्था स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में ही बनाई गई है। हालांकि बेली, कॉल्विन में भी इसके लिए वार्ड सुरक्षित किए गए हैं। लेकिन, मरीजों के लिए ज्यादातर इंतजाम एसआरएन में ही किए गए हैं। वहां केबिन आईसालेशन वार्ड से लेकर संदिग्ध अवस्था में आने वाले मरीजों के लिए अलग-अलग आईसोलेशन कक्ष बनाए गए हैं। जिला प्रशासन भी एसआरएन में ही चिकित्सकीय संसाधनों को बढ़ाने में लगा हुआ है मगर, काम कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उन लोगों के लिए सुरक्षा का पूरा इंतजाम नहीं है। जैसे कोरोना ओपीडी में बैठ रहे लोगों के पास मास्क और ग्लब्स ही मिले हुए हैं और कोई प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (प्रोटेक्शन किट) वगैरह नहीं है। जबकि खतरा ओपीडी से ही शुरू हो जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इसी तरह आइसोलेशन वार्ड में तैनात डॉक्टरों, नर्सों या अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के लिए भी सुरक्षा उपकरणों का इंतजाम नहीं है। जो प्रोटेक्शन किट मिली हुई है, उसमें भी शरीर को ढकने के लिए पूरी चीजें नहीं है। जैसे, चश्मा नहीं है। जबकि इस बीमारी के फैलने की संभावना आंखों से बनी रहती है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ सीनियर और जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि इस संबंध में पिछले तीन चार दिनों से चिकित्सालय प्रशासन से कहा गया लेकिन अभी तक हालात वैसे ही है।
विज्ञापन

मंगाए गए हैं 10 वेंटिलेटर
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि आपात स्थितियों से निपटने के लिए उन्होंने सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। शहर में कोराना का कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। अगर कोई केस सामने आता है तो सभी जरूरी चिकित्सकीय सुरक्षा उपकरण मुहैया करा दिए जाएंगे। उसमें कोई कमी नहीं की जाएगी। इसके अलावा शासन से प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (प्रोटेक्शन किट), मास्क, ग्लब्स, सेनिटाइजर आदि भी भारी मात्रा में मंगाया गया है। वाहनों की आवाजाही न होने से यह अभी तक आ नहीं पाया है। शासन से लगातार बातचीत चल रही है। एक-दो दिन में मालवाहक विमान से इसे लाए जाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा कोरोना मरीजों के लिए 10 वेंटिलेटर भी मंगाए गए हैं। यह वेंटिलेटर दिल्ली से ही आएगा। इसके लिए बजट शासन ने ही आवंटित किया है। उन्होंने बताया कि अभी तैयारियों के लिए शासन की ओर से उन्हें कोई बजट नहीं मिला है। यह कहा जा रहा है कि जो भी जरूरतें होंगी उसकी पूर्ति की जाएगी। उसमें कमी नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सैलरी, प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट के लिए प्रदर्शन किया
अस्पताल में प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, मास्क, ग्लब्स आदि जरूरत के मुताबिक न मिलने और तीन माह की बकाया सैलरी न मिलने से नाराज जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स ने मंगलवार को एसआरएन केंद्रीय पैथोलॉजी के पास प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि तीन महीने से सैलरी न मिलने से परेशानी खड़ी हो गई है। उनका खर्चा नहीं चल पा रहा है। पैसे न होने से खाने-पीने की चीजें भी नहीं ले पा रहे हैं। जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स ने कोरोना के प्रकोप को देखते हुए प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट दिया जाए। एन-95 मास्क, उच्च क्वालिटी वाले ग्लब्स भी मुहैया कराए जाएं। बिना इन संसाधनों के काम करना मुश्किल है। उधर, सैलरी देने के मामले में एमएलएनएम कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि बजट के अभाव में सैलरी का भुगतान नहीं किया जा सका है। सैलरी का ब्यौरा बनाकर शासन को भेज दिया गया है। जैसे ही बजट जारी होगा सैलरी का भुगतान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed