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फरार रेलकर्मचारी नेता मनोज पांडेय के खिलाफ जारी होगा वारंट, पुलिस ने दी कोर्ट में अर्जी
Thu, 21 Jan 2021 09:17 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 21 Jan 2021 09:17 PM IST
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prayagraj news : मनोज पांडेय (फाइल फोटो)।
- फोटो : prayagraj
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये हड़पने के आरोपी रेल कर्मचारी नेता मनोज पांडेय का पांच दिन बाद भी सुराग नहीं मिल सका है। उधर पुलिस अब उसकेखिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कराने की तैयारी में है। इसकेकोर्ट में अर्जी भी दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश में उसकेहर संभावित ठिकाने पर छापेमारी की जा रही है।
कौशांबी के सैनी निवासी जीतेंद्र कुमार ने नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए खुल्दाबाद निवासी मनोज व उसके अधिवक्ता बेटे अंकित पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि आरोपी पिता-पुत्र ने न सिर्फ उससे व उसके तीन रिश्तेदारों से नौकरी के नाम पर रुपये लिए बल्कि उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। बाद में विभाग में जाने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पुलिस ने 16 जनवरी को अंकित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन मनोज घर पर नहीं मिला।
उसकी तलाश में जुटी पुलिस को फिलहाल सफलता नहीं मिल सकी है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन केमहामंत्री मनोज केखिलाफ पुलिस अब गैर जमानती वारंट जारी कराने की तैयारी में है। इसकेलिए कोर्ट में अर्जी भी दे दी गई है। फिलहाल अभी अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी है। खुल्दाबाद पुलिस का कहना है कि आरोपी केखिलाफ कोर्ट में अर्जी दे दी गई है। इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है। उसकेहर संभावित ठिाकाने पर दबिश दी जा रही है। कुछ रिश्तेदारों व परिचितों से भी पूछताछ की गई है।
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कौशांबी के सैनी निवासी जीतेंद्र कुमार ने नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए खुल्दाबाद निवासी मनोज व उसके अधिवक्ता बेटे अंकित पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि आरोपी पिता-पुत्र ने न सिर्फ उससे व उसके तीन रिश्तेदारों से नौकरी के नाम पर रुपये लिए बल्कि उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। बाद में विभाग में जाने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पुलिस ने 16 जनवरी को अंकित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन मनोज घर पर नहीं मिला।
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उसकी तलाश में जुटी पुलिस को फिलहाल सफलता नहीं मिल सकी है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन केमहामंत्री मनोज केखिलाफ पुलिस अब गैर जमानती वारंट जारी कराने की तैयारी में है। इसकेलिए कोर्ट में अर्जी भी दे दी गई है। फिलहाल अभी अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी है। खुल्दाबाद पुलिस का कहना है कि आरोपी केखिलाफ कोर्ट में अर्जी दे दी गई है। इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है। उसकेहर संभावित ठिाकाने पर दबिश दी जा रही है। कुछ रिश्तेदारों व परिचितों से भी पूछताछ की गई है।
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