{"_id":"69ba434e049e9305c707bf8c","slug":"votes-for-the-post-of-president-will-be-recounted-in-octa-elections-2025-sdm-sadar-gave-orders-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : ऑक्टा चुनाव-2025 में अध्यक्ष पद के मतों की होगी पुनर्गणना, एसडीएम सदर ने दिए आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : ऑक्टा चुनाव-2025 में अध्यक्ष पद के मतों की होगी पुनर्गणना, एसडीएम सदर ने दिए आदेश
Wed, 18 Mar 2026 11:46 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:46 AM IST
सार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय के शिक्षक संघ (ऑक्टा) चुनाव-2025 में अध्यक्ष पद के मतों की पुनर्गणना कराए जाने का आदेश उपजिलाधिकारी सदर अभिषेक सिंह के न्यायालय ने दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय के शिक्षक संघ (ऑक्टा) चुनाव-2025 में अध्यक्ष पद के मतों की पुनर्गणना कराए जाने का आदेश उपजिलाधिकारी सदर अभिषेक सिंह के न्यायालय ने दिया है। यह आदेश चुनाव में पराजित प्रत्याशी अमित सिंह द्वारा दायर वाद पर सुनवाई के बाद पारित किया गया।
विज्ञापन
बताया गया कि 27 अप्रैल 2025 को हुए ऑक्टा चुनाव में तीन मतों को अवैध घोषित कर दिया गया था, जिसके चलते अमित सिंह दो मतों से चुनाव हार गए थे। इसे लेकर अमित सिंह ने सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा 25(1) के तहत पुनर्मतगणना की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी के न्यायालय में वाद दायर किया था।
विज्ञापन
मामले में प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऑक्टा चुनाव 2025-26 के चुनाव अधिकारी प्रो. संजय सिंह को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर अध्यक्ष पद के लिए डाले गए सभी मतों की पुनर्मतगणना कराएं।
विज्ञापन
पुनर्गणना अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में कराई जाएगी तथा परिणाम को सीलबंद लिफाफे में उपजिलाधिकारी के न्यायालय में भेजा जाएगा। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि पुनर्मतगणना के दौरान नायब तहसीलदार सदर सतत पर्यवेक्षण करेंगे। साथ ही जॉर्ज टाउन थाना प्रभारी को निर्धारित तिथि और समय पर पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त पूरी प्रक्रिया को वीडियोग्राफी के माध्यम से रिकॉर्ड कराने का भी निर्देश न्यायालय की ओर से दिया गया है, ताकि पुनर्मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके।