prayagraj violence : हिंसा प्रभावित इलाके में बुलडोजर पहुंचने से मचा हड़कंप, चिन्हित किए जा रहे मकान
कई मकान अतिक्रमण के जद में हैं तो कई मकानों को नाले पर कब्जा करके बनाया गया है। जिन मकानों को गिराने के लिए चिन्हित किया गया है उसमें कई घर हिंसा और पथराव के मामले में आरोपी बनाए गए उपद्रवियों के बताए जा रहे हैं।
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प्रयागराज में हिंसा के बीच देर रात हिंसा प्रभावित इलाके अटाला में बुलडोजर पहुंचने से हड़कंप मच गया। माना जा रहा है कि पीडीए के अधिकारी देर रात आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला सकते हैं। इसके लिए नोटिस भी जारी किया जा चुका है। कई मकान अतिक्रमण के जद में हैं तो कई मकानों को नाले पर कब्जा करके बनाया गया है। जिन मकानों को गिराने के लिए चिन्हित किया गया है उसमें कई घर हिंसा और पथराव के मामले में आरोपी बनाए गए उपद्रवियों के बताए जा रहे हैं। प्रयागराज में हिंसा को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी जा रही है।
बुलडोजर चलवाकर खत्म करेंगे गुंडागर्दी
एडीजी जोन प्रेमप्रकाश ने यह भी कहा कि पिछले दिनों ही नूरुल्लाह रोड पर अतिक्रमण हटाया गया था। जिस शौकत अली मार्ग पर यह पूरा बवाल हुआ, उस पर भी जगह-जगह अवैध निर्माण किया गया है। जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा होता है। इनमें कई अराजक तत्व भी यहां जुटते हैं। प्रशासन की मदद से जल्द ही बुलडोजर चलवाकर कार्रवाई की जाएगी।
करेली का मो. जावेद रडार पर
उधर ,देर रात तक चली पुलिस की जांच पड़ताल में अफसरों को एक अहम जानकारी मिलने की बात सामने आ रही है। पुलिस को एक नाम मिला है। जिसके बारे में कहा जा रहा है कि शुक्रवार को हुए बवाल में इस व्यक्ति की बेहद अहम भूमिका हो सकती है। यह करेली का मो. जावेद उर्फ जावेद पंप है। सूत्रों का कहना है कि इसके बारे में पता चला है कि पूर्व में सीएए-एनआरसी के विरोध में अटाला में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन में और फिर शहर भर में जुलूस निकालकर नारेबाजी किए जाने में भी इसकी भूमिका रही है। एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि जो भी प्रारंभिक जानकारी मिली है, उसके आधार पर जावेद के बारे में अन्य तथ्य भी एकत्रित किए जा रहे हैं।
जामा मस्जिद इंतजामियां कमेटी ने एक दिन पहले ही की थी शांति बनाए रखने की अपील
जुमे की जमाज के बाद विरोध-प्रदर्शन और और बाजार बंद की सुगबुगी के बाद चौक स्थित जामा मस्जिद इंतजामियां कमेटी की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई थी। इंतजामियां कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को ही साफ तौर पर कह दिया गया था कि नमाज के बाद लोग अपने घर जाएं। किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद कुछ लोग नमाज के बाद सड़कों पर उतर आए।