Fraud : ग्राम विकास अधिकारी को सोना बेचने के लिए बुलाया, फिर छीने रुपये, एक ठग को पकड़ा
बीते चार-पांच दिन पहले एक ग्राम विकास अधिकारी को फोन आया। कहा गया कि वह पेंटर है। उसे काम के दौरान सोना मिला है, जिसे वह कम कीमत में बेचना चाहता है। जब ग्राम विकास अधिकारी मौके पर पहुंचा तो उसे सोने का एक टुकड़ा दिया गया।
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मांडा ब्लॉक में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी बलवंत सिंह चौहान के साथ ठगी का प्रयास किया गया। पुलिस को जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
बीते चार-पांच दिन पहले एक ग्राम विकास अधिकारी को फोन आया। कहा गया कि वह पेंटर है। उसे काम के दौरान सोना मिला है, जिसे वह कम कीमत में बेचना चाहता है। जब ग्राम विकास अधिकारी मौके पर पहुंचा तो उसे सोने का एक टुकड़ा दिया गया। जांच कराने पर वह सही निकला। जिसपर ग्राम विकास अधिकारी ने पूरे सोने का दाम चार लाख रुपये लगाया। नियत समय पर सचिव सोना लेने के लिए मांडा थाना क्षेत्र के मसौली गांव स्थित जफरा पहाड़ी पर बने विद्युत उपकेंद्र के नजदीक पहुंचा।
जहां चार ठग पहले से मौजूद रहे। ग्राम विकास अधिकारी ने खुद के बैग में मौजूद चार लाख रुपये ठगों को दिखाया। जिसके बाद एक ठग रुपयों से भरा बैग छीनकर भागने लगा। ग्राम विकास अधिकारी ने ठगों का पीछा किया। करीब एक किमी दौड़ाने के बाद ग्रामीणों की मदद से ग्राम विकास अधिकारी ने एक ठग को पकड़ लिया।
इस दौरान ग्रामीण व ग्राम विकास अधिकारी बलवंत सिंह चौहान ने ठग की पिटाई की। उसके बाद उसे मांडा पुलिस को सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद बैग लेकर फरार हुए ठग से पुलिस ने संपर्क कर ग्राम विकास अधिकारी के रुपये वापस करा दिए। वहीं पकड़े गए ठग और उसके समूह पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूरी घटना का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद खलबली मच गई।
ठगों के गैंग का मांडा पुलिस कर रही सहयोग
ग्राम विकास अधिकारी बलवंत सिंह चौहान के साथ चार लाख की ठगी की सूचना और बदमाश की गिरफ्तारी कराने के बाद भी मांडा पुलिस सक्रिय नहीं हुई। कुछ देर में थाने के अंदर चार लाख का बैग मंगाकर ग्राम विकास अधिकारी को दे दिया गया। साथ ही पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया गया। ग्रामीणों द्वारा सुपुर्द किए गए ठग को भी छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके पहले कई लोगों से ठगी हुई है।
जफरा पहाड़ के आसपास मेजा थाना निवासी एक ओझा के साथ इस तरह की घटना पहले हो चुकी है। वहीं सोने के लालच में कौशाम्बी निवासी एक व्यक्ति भी ठगी का शिकार हो चुका है। प्रयागराज शहर निवासी मोटर गैराज संचालक को भी बदमाशों ने निशाना बनाया था। इनकी शिकायतों को बीते वर्ष पुलिस ने दर्ज किया है। लगातार इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।
वीडियो न होता तो बात झूठला देती पुलिस
यदि पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न होता तो मामले को मांडा पुलिस झूठला देती। जब प्रकरण में जानकारी चाही गई तो हल्का उपनिरीक्षक शैतान सिंह फोन पर जानकारी देने से मना कर दिए। थाना प्रभारी संजय संधू का सीयूजी नंबर नहीं उठा। अन्य मुंशी और सिपाही भी कुछ बोलने से इन्कार कर दिए। यही कारण है कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी नहीं हो सकी।