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Vikram Montrose : 13 साल तक कोई पहचान नहीं, फिर एक मुलाकात ने बदल दी किस्मत
Fri, 26 Jun 2026 02:00 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:00 PM IST
सार
सिविल लाइंस निवासी विक्रम मोंट्रोज बॉलीवुड के चर्चित संगीतकार और गायक हैं। उनकी नई फिल्म ''वेलकम टू द जंगल'' आज 26 जून को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के चार गाने पहले ही दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो चुके हैं।
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विक्रम मोंट्रोस, अभिनेता।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सिविल लाइंस निवासी विक्रम मोंट्रोज बॉलीवुड के चर्चित संगीतकार और गायक हैं। उनकी नई फिल्म ''वेलकम टू द जंगल'' आज 26 जून को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के चार गाने पहले ही दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो चुके हैं।
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विक्रम 18 साल की उम्र में संगीत के सपने लेकर मुंबई पहुंचे थे। उन्होंने 2005 में मुंबई में कदम रखा। वहां उन्हें 13 साल तक लगातार संघर्ष करना पड़ा। उनकी मां शास्त्रीय संगीत से जुड़ी थीं, जिससे घर में हमेशा सुरों का माहौल रहता था।
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सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ाई के दौरान मंच पर गाना उनके जीवन का हिस्सा बन गया। 12वीं के बाद उन्होंने मुंबई जाने का फैसला किया था। संघर्ष के दिनों में कई बार उनका मन टूटा। लेकिन वे कुछ करके ही घर लौटने का दृढ़ संकल्प रखते थे।
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संजय दत्त से मुलाकात ने बदली किस्मत
विक्रम की जिंदगी में अहम मोड़ तब आया जब उनकी मुलाकात अभिनेता संजय दत्त से हुई। संजय दत्त ने उनकी अप्रदर्शित धुनें सुनीं और उनमें छिपा जुनून पहचाना। यहीं से फिल्म ''संजू'' का रास्ता खुला। ''कर हर मैदान फतेह'' उनके संघर्ष की कहानी बन गया। इस गाने के लिए विक्रम को आईफा, फिल्मफेयर और मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
नई फिल्म और युवाओं को संदेश
विक्रम अपनी नई फिल्म ''वेलकम टू द जंगल'' को लेकर उत्साहित हैं। फिल्म के चार गाने रिलीज से पहले ही करोड़ों लोगों तक पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि फिल्म पूरी तरह मनोरंजन से भरपूर है। गानों में भी खुशी और मस्ती भरने की कोशिश की गई है। मुंबई में सफलता के बाद भी विक्रम का दिल आज भी प्रयागराज में बसता है। विक्रम का युवाओं के लिए संदेश है कि प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता जरूरी नहीं है।