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Prayagraj : विजिलेंस ने एक्सईएन कार्यालय के बाबू को 11 हजार घूस लेते किया गिरफ्तार, सिंचाई विभाग में है तैनात
Tue, 18 Nov 2025 03:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 18 Nov 2025 03:09 PM IST
सार
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की विजलेंस टीम ने सोमवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाबू को 11 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सिंचाई खंड प्रथम का लिपिक जितेंद्र कुमार ठेकेदार गुफरान से रिश्वत की मांग कर रहा था।
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जितेंद्र कुमार, लिपिक, कार्यालय अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग प्रयागराज।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सिंचाई खंड प्रथम अधिशाषी अभियंता कार्यालय से ड्राफ्ट मैन (बाबू) जितेंद्र कुमार को 11 हजार रुपये की रिश्वत के साथ विजिलेंस की टीम ने मंगलवार काे गिरफ्तार किया। जितेंद्र पर ई-टेंडर से जुड़े दस्तावेज और अनुबंध पत्र तैयार करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। बुधवार को आरोपी को वाराणसी के एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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शिवकुटी के न्यू मेहंदौरी निवासी मोहम्मद रिजवान ने सोमवार को विजिलेंस की टीम को बताया कि भतीजे मोहम्मद गुफरान की कंस्ट्रक्शन फर्म है जिसका काम वह देख रहे हैं। फर्म ने सोरांव रजबहा निर्माण कार्य के लिए ई-टेंडर में 39.93 प्रतिशत कम रेट देकर पहला स्थान हासिल किया था।
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आरोप है कि ड्राफ्ट मैन जितेंद्र ने मोबाइल फोन पर सूचित किया कि इस संबंध में अनुबंध पत्र तैयार होता है। इसके लिए ई-टेंडर में डाली गई दर के हिसाब से धरोहर धनराशि 1,07,869, परफार्मेंस धनराशि 5,37,54 और स्टाम्प ड्यूटी 7,551 फर्म के नाम से देनी होती है। आरोप है कि अनुबंध तैयार करने के एवज में जितेंद्र ने 11 हजार रुपये की मांग की। शिकायत पर विजिलेंस इंस्पेक्टर नन्हें राम सरोज की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया। जैसे ही शिकायतकर्ता अधिशाषी अभियंता कार्यालय में रुपये देने लगा तो टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।
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अन्य की भूमिका की भी जांच
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम ने कार्यालय के अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस के अफसरों ने अपील की है कि यदि सरकारी अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो तत्काल हेल्प लाइन नंबर 9454404859 व सतर्कता मुख्यालय के हेल्प लाइन नंबर-9454401866 पर संपर्क करें। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।