प्रयागराज : अभियान के दौरान पीटीओ के चालक का नोट गिनते हुए वीडियो वायरल, आरटीओ ने दर्ज कराई एफआईआर
प्रयागराज में यात्री बसों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन कवच 2.0 के दौरान सरकारी वाहन में निजी व्यक्ति के रुपये गिनने का वीडियो वायरल होने के मामले में दारागंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरटीओ प्रवर्तन अधिकारी सत्येंद्र प्रकाश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 204 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो में नकदी गिनने वाला व्यक्ति यात्रीकर/मालकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान को आवंटित सरकारी वाहन में बैठा दिखाई दे रहा है।
विस्तार
यात्री बसों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन कवच 2.0 के दौरान सरकारी वाहन में नकदी गिनने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। आरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र प्रकाश सिंह की तहरीर पर दारागंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 204 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहरीर के मुताबिक, वायरल वीडियो में पुष्पेंद्र सिंह नाम का व्यक्ति यात्रीकर/मालकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान को आवंटित सरकारी वाहन UP 32 FG 3603 में बैठकर नकदी गिनता दिखाई दे रहा है। वीडियो को सोशल मीडिया और विभिन्न संचार माध्यमों में रिश्वत की रकम के रूप में प्रसारित किए जाने का भी तहरीर में उल्लेख किया गया है। मामले की जांच अजय कुमार को सौंपी गई है।
इससे पहले मंगलवार को वायरल वीडियो में एक स्लीपर बस के पास श्रद्धालुओं के उतरने और सरकारी वाहन की पीछे की सीट पर बैठे व्यक्ति के रुपये गिनने का दृश्य सामने आया था। वीडियो के बाद 10 हजार रुपये की वसूली की चर्चा शुरू हुई थी। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।
अधिकारी ने आरोपों को बताया गलत
यात्रीकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि रुपये गिनने वाला पुष्पेंद्र सिंह उनका रिश्तेदार है और सरकारी चालक नहीं होने के कारण उसे निजी चालक के तौर पर रखा गया है। उन्होंने वसूली के आरोपों को गलत बताया। अधिकारी के अनुसार, बस का 41 हजार रुपये का चालान किया गया था। इसमें 23 हजार रुपये ऑनलाइन और 18 हजार रुपये नकद जमा किए गए थे।
आरटीओ प्रवर्तन अधिकारी सत्येंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि सरकारी वाहन में यात्रीकर अधिकारी मौजूद थे और वह आगे की सीट पर बैठे थे। पीछे की सीट पर निजी चालक के बैठने और रुपये गिनने को लेकर पूछताछ की जा रही है।
बसों में मिलीं ये खामियां
ऑपरेशन के दौरान श्रद्धालुओं से भरी दो बसों में इमरजेंसी एग्जिट ब्लॉक, क्षमता से अधिक सीटें और बकाया टैक्स जैसी खामियां मिली थीं। इसके बाद दोनों बसों पर कार्रवाई की गई और उन्हें सीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। चालकों ने बस में श्रद्धालुओं के होने का हवाला देते हुए मौके पर जुर्माना जमा करने की मांग की थी।
आठ स्लीपर बसें सीज
अभियान के दूसरे दिन प्रयागराज से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जाने वाली आठ स्लीपर बसों में निकासी द्वार ब्लॉक मिला। इसके बाद सभी आठ बसों को सीज कर दिया गया। क्षमता से अधिक यात्री बैठाने, बकाया टैक्स और अन्य खामियों के मामले में भी कार्रवाई की गई।