viagra overdose : वियाग्रा के अधिक सेवन से बिगड़ी युवक की तबीयत, तीन माह पहले हुई थी शादी
यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की एक टीम ने मरीज की जांच की और इरेक्शन को हटाने का फैसला किया और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में करीब तीन घंटे तक चलने वाली पहली सर्जरी की। आपरेशन के दौरान युवक के गुप्तांग में पेनाइल प्रोस्थेसिस (मेडिकल उपकरण) प्रत्यारोपित किया गया।
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यौन क्षमता में वृद्धि के लिए वियाग्रा का अधिक प्रयोग करना एक युवक को भारी पड़ गया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां करीब तीने घंटे तक चले आपरेशन के बाद युवक की हालत में सुधार बताया जा रहा है। दो बार के आपरेशन के दौरान युवक के गुप्तांग में पेनाइल प्रोस्थेसिस (मेडिकल उपकरण) प्रत्यारोपित किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि युवक की तीन महीने पहले शादी हुई थी। दोस्तों के कहने पर उसने वियाग्रा लेना शुरू कर दिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 वर्षीय युवक की शादी तीन महीने पहले हुई थी। पौरुष शक्ति में कमी महसूस होने पर उसने अपने दोस्तों से यह बात बताई। दोस्तों की सलाह पर उसने मेडिकल स्टोर से वियाग्रा की दवा खरीदकर उसका सेवन करना शुरू कर दिया। स्थिति में कुछ सुधार होते देख उसने इसकी मात्रा बढ़ा दी। वह 200 मिलीग्राम डोज प्रतिदिन ले लगा। (आम तौर पर 25-30 ग्राम डोज प्रतिदिन की ही सलाह दी जाती है।) यह दवा आमतौर पर पौरुष शक्ति बढ़ाने या नपुंसकता दूर करने के लिए प्रयोग की जाती है।
यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने की पेनाइल प्रोस्थेसिस सर्जरी
निर्धारित मात्रा से आठ गुना अधिक डोज प्रतिदिन लेने का असर उसके शरीर पर दिखने लगा। कुछ दिन बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी और वह दर्द से कराहने लगा। उसकी दशा देख नवविवाहित पत्नी भी परेशान हो गई। पत्नी उसे लेकर डॉक्टरों के पास आई। डॉक्टरों ने जब उसकी काउंसलिंग की तो चौंकाने वाला खुलास सुनकर वह भी सन्न रह गए। मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने उसकी पेनाइल प्रोस्थेसिस सर्जरी की जो सफल रहा।
डॉ. दिलीप चौरसिया के नेतृत्व में यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की एक टीम ने मरीज की जांच की और इरेक्शन को हटाने का फैसला किया और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में करीब तीन घंटे तक चलने वाली पहली सर्जरी की। आपरेशन के दौरान युवक के गुप्तांग में पेनाइल प्रोस्थेसिस (मेडिकल उपकरण) प्रत्यारोपित किया गया।
बिना डॉक्टरों की सलाह के न लें कामोत्तेजक दवाएं
इसे दिल्ली से मंगाया गया था, इसकी कीमत 35 हजार रुपये है। मरीज की हालत अब ठीक है और अगले एक सप्ताह बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। डॉ. दिलीप चौरसिया का कहना है कि यह पहली बार है जब इस तरह का उपचार प्रयागराज में किया गया। "सर्जरी के बाद, आदमी फिर से एक खुशहाल वैवाहिक जीवन जीएगा और पिता भी बनेगा।" सफल आपरेशन के लिए परिजनों ने डॉक्टरों की टीम के प्रति आभार जताया।
डॉ. चौरसिया का कहना है कि बिना डॉक्टरों की सलाह के पौरुष शक्ति और कामोत्तेजना बढाने वाली दवाओं का सेवन करना घातक साबित हो सकता है।मधुमेह और स्तंभन दोष वाले लोगों को विशेष रूप से अधिक सतर्क रहना चाहिए और विशेषज्ञों की सलाह के बिना ऐसी दवाएं कभी नहीं लेनी चाहिए क्योंकि यह उनके लिए विनाशकारी साबित हो सकती है।