वीएचपी अध्यक्ष का यूटर्न, बोले- कांग्रेस ने कभी नहीं दिया राम मंदिर पर साथ, समर्थन की नहींं की बात
वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि लोक सभ चुनाव में किसी राजनीतिक दल का समर्थक नहीं करेगी। कांग्रेस को समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अभी तक इतिहास नहीं रहा है कि वह हिन्दुत्व और राम मंदिर की बात करे। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने देशभर के सांसदों से मिलकर मंदिर के पक्ष में एक राय बनाने का आग्रह किया था।
बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाद अब विश्व हिन्दू परिषद ने भी मोदी सरकार के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी जताई थी।। वीएचपी ने कहा था कि मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में मंदिर निर्माण का काम शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं बची है।
वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि जिस तरह किसी बच्चे के जन्म के लिए कम से कम नौ महीने का इंतजार करना पड़ता है, उसी तरह रामभक्त अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के लिए 2025 तक का इंतजार करने को तैयार रहें।
उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनाव में मंदिर मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में जगह देती है तो वीएचपी उसे समर्थन देने पर विचार कर सकती है।
मोदी सरकार पर तंज, घोषणा पत्र में मंदिर मुद्दा शामिल करने पर कांग्रेस को समर्थन देने पर विचार
प्रयागराज के कुंभ मेले में आए वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार के मुताबिक, मंदिर निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाने के लिए कोई एक व्यक्ति या संगठन नहीं, बल्कि पूरा राजनीतिक सिस्टम जिम्मेदार हैं।
उन्होंने इशारों में मोदी सरकार पर तंज कसते हुए घोषणा पत्र में मंदिर मुद्दा शामिल करने पर कांग्रेस को समर्थन देने पर विचार करने की बात तो कही लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता जनेऊ पहनकर सिर्फ दिखावा करते हैं और उसकी सरकारें हिंदूवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाती है।
आलोक कुमार के मुताबिक, वीएचपी कार्यकर्ता आने वाले चुनाव में अपनी विचारधारा से मेल खाने वाली पार्टी को निजी तौर पर चुनकर उसे समर्थन कर सकते हैं। संगठन पहले की तरह इस चुनाव में भी किसी भी पार्टी के लिए प्रचार नहीं करेगा।