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अमेरिकन असेंबली में गूंजे गीता के श्लोक सहित वैदिक मंत्र
Sat, 20 Jul 2019 06:37 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अनिल सिद्धार्थ, प्रयागराज
अनिल सिद्धार्थ, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2019 06:37 AM IST
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भारतीय सनातन संस्कृति
- फोटो : Social Media
भारतीय सनातन संस्कृति की महत्ता एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय पटल पर स्थापित और गौरवान्वित हुई है। अमेरिका की लोआ असेंबली की सुबह की प्रार्थना गीता के श्लोक एवं वैदिक मंत्रों से हुई। तकरीबन तीन मिनट की प्रार्थना में वैश्विक सर्वमंगल, सर्वकल्याण की कामना निहित रही।
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विश्व हिंदू परिषद के विदेश विभाग प्रमुख पं.कृष्ण कुमार पांडेय ने ओम से शुरुआत के बाद पहले गीता के श्लोक ‘त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव’ का पाठ किया। इसी क्रम में वैदिक मंत्र और अंत में ‘सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया’ के पाठ और शांति की कामना के साथ सुबह की प्रार्थना कराई। बाद में उन्होंने ‘ओ लार्ड यू आर माई मदर, ओ लार्ड यू आर माई फादर..’ कहकर प्रार्थना में कहे गए श्लोक और मंत्रों का अर्थ भी बताया।
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यह भारतीय सनातन संस्कृति के लिए गर्व का विषय है कि गीता के श्लोक तथा वैदिक मंत्रों के साथ अमेरिका की लोआ असेंबली की शुुरुआत हुई। लोआ सीनेट ऐंड हाउस ऑफ द रिप्रेंजेटेटिव्स की ओर से सुबह की प्रार्थना के लिए पंडित कृष्ण कुमार को सीनेटर हरमन क्यूरमबैच, अमेस की रिप्रेंजेटेटिव लीजा हेडेंस और मैरीन की रिप्रेंजेटेटिव स्वाति दांडेकर की ओर से आमंत्रित किया गया था। इसी के साथ अमेरिकन असेंबली में पहली बार हिन्दू प्रार्थना का इतिहास रचा गया।
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मैड्रिड स्थित हिंदू टेंपल ऐंड कल्चरल सेंटर ऑफ लोआ से जुड़े पंडित कृष्ण कुमार पांडेय मूलरूप से प्रतापगढ़ के कुंडा के रहने वाले हैं। विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल के गुरुभाई और निकटतम सहयोगी रहे कृष्ण कुमार को अशोक जी ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से विश्व हिन्दू परिषद में लेकर आए।
उन्होंने विहिप में अनेक पदों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। हिन्दी और अंग्रेजी पर अधिकार के कारण उन्हें विहिप के विदेश विभाग की जिम्मेदारी दे दी गई और वह अमेरिका जाकर सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में जुटे गए।