प्रयागराज : वरुणा नदी का होगा जीर्णोद्धार, सर्वे के लिए बनी कमेटी, मानसून से पहले सफाई की बनाई गई योजना
वरुणा नदी का उद्गम प्रतापपुर में मैलहल झील से हुआ है, जो भदोही होते हुए वाराणसी तक जाती है और गाजीपुर की सीमा पर गंगा नदी में विलय हो जाती है। खास यह कि वाराणसी में वरुणा नदी में पूरे वर्ष पानी रहता है।
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विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी वरुणा नदी के जीर्णोद्धार की उम्मीद जगी है। नदी मार्ग के सर्वे के लिए टीम बना ली गई है। आगामी सत्र के मानसून से पहले नदी पथ की सफाई के साथ पौधरोपण आदि कराने की योजना बनाई गई है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि वरुणा नदी को पुरानी स्थिति में लाया जाएगा। इसके बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।
वरुणा नदी का उद्गम प्रतापपुर में मैलहल झील से हुआ है, जो भदोही होते हुए वाराणसी तक जाती है और गाजीपुर की सीमा पर गंगा नदी में विलय हो जाती है। खास यह कि वाराणसी में वरुणा नदी में पूरे वर्ष पानी रहता है। इसके विपरीत प्रयागराज में इसका अस्तित्व करीब खत्म हो चुका है। हालांकि, बीच-बीच में नदी का पथ बना हुआ है। अब प्रयागराज में इसके जीर्णोद्धार की तैयारी है। मनरेगा के तहत तैयार प्रस्ताव पर अमल हुआ और इसे सफलता मिली तो नदी में पूरे वर्ष पानी का बहाव बना रहेगा।
डीडीओ तथा उपायुक्त मनरेगा भोलानाथ कनौजिया ने बताया कि इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सर्वे के लिए टीम भी बना दी गई है। सर्वे टीम में सिंचाई और प्रशासन के अलावा अन्य संबंधित विभाग के अफसरों तथा विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। उनका कहना है कि जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।
जगह-जगह बनाए जाएंगे छोटे-छोटे बांध
वरुणा नदी की सफाई के अलावा दोनों किनारों पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके अलावा जगह-जगह छोटे-छोटे बांध भी बनाए जाएंगे। ताकि, नदी में पूरे वर्ष पानी का बहाव बना रहे। नदी के दोनों तरफ 500 मीटर की दूरी तक के गांवों के नालों आदि की भी सफाई कराई जाएगी।
पूर्व में भी बनी थी योजना
वरुणा नदी के जीर्णोद्धार की योजना चार साल पहले भी बनी थी। मनरेगा के तहत तैयार प्रस्ताव के आधार पर सफाई कार्य भी शुरू किया गया था, लेकिन अलग-अलग कारणों से काम बीच में ही रुक गया। अब फिर से जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई है।
लपरी, चिनाब नदी का भी हो रहा जीर्णोद्धार
कोरांव की लपरी और मांडा में चिनाब नदी के भी जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई है। इसका काम भी शुरू हो गया है। हालांकि, बारिश के बाद पानी भर गया है। इसकी वजह से फिलहाल काम रुका हुआ है। जल्द ही फिर से काम शुरू करने की बात कही जा रही है।