वाराणसी बम ब्लास्ट मामला : वलीउल्लाह ने बम प्लांट करने वाले तीनों आतंकियों को दी थी पनाह
फूलपुर कस्बे के कोहरी गांव का रहने वाला वलीउल्लाह घर के पास ही स्थित एक मस्जिद में इमाम था। वाराणसी बम धमाकों में उसकी गिरफ्तारी के बाद इंटेलिजेंस और पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि बम प्लांट करने वाले तीनों आतंकियों से उसकी मुलाकात कुछ साल पहले देवबंद में तालीम लेेने के दौरान हुई थी।
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वाराणसी सीरियल बम धमाकों के मामले में अदालत से दोषी करार दिए गए फूलपुर के वलीउल्लाह ने विस्फोट करने वाले तीनों आतंकियों को पनाह दी थी। बांग्लादेश के रहने वाले यह तीन आतंकी मुस्तकीम, बशीर और जकारिया आतंकी संगठन हरकत-उल-जेहाद इस्लामी (हूजी) के सक्रिय सदस्य थेे और इन्होंने ही कराची, कंधार और ढाका में बैठे अपने आकाओं के कहने पर दहशतगर्दी का यह खूनी खेलने के लिए बम प्लांट किए थे। यही नहीं, उनका पनाहगार वलीउल्लाह इससे पहले भी 2001 में कुख्यात आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से लिंक में भी आठ महीने तक जेल में रहा था।
फूलपुर कस्बे के कोहरी गांव का रहने वाला वलीउल्लाह घर के पास ही स्थित एक मस्जिद में इमाम था। वाराणसी बम धमाकों में उसकी गिरफ्तारी के बाद इंटेलिजेंस और पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि बम प्लांट करने वाले तीनों आतंकियों से उसकी मुलाकात कुछ साल पहले देवबंद में तालीम लेेने के दौरान हुई थी। इसके बाद 2004 में तीनों में से एक बशीर ने उससे फिर संपर्क साधा। जिसके बाद उसे हूजी के एक कमांडर से मिलाने के लिए बांग्लादेश ले जाया गया। इस मीटिंग के बाद ही उसे पूर्वी उत्तर प्रदेश में हूजी की गतिविधियां संचालित करने के लिए कमांडर बना दिया गया।
आतंकी के कब्जे से मिले पत्र से सामने आया था नाम
सूत्रों का कहना है कि 2001 में वलीउल्लाह की गिरफ्तारी लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आतंकी के कब्जे से एक पत्र बरामद होने के बाद हुई थी। एसटीएफ ने आतंकी को मुठभेड़ में मार गिराया था जिसके कब्जे से कई दस्तावेज बरामद हुए थे। इन्हीं में एक पत्र भी शामिल था जिससे यह पता चला था कि मारे गए आतंकी को फूलपुर में वलीउल्लाह ने पनाह दी थी। इसी के बाद पुलिस ने घर पर दबिश देकर उसे व उसके दो भाइयों को गिरफ्तार किया था। बाद में पूछताछ में उसने यह बात भी कबूली थी कि उसने कुछ दिनों पहले ही घातक हथियारों से लैस तीन आतंकियों को शरण दी थी।
विवादित ढांचा विध्वंस व गोधरा दंगों का बदला था मकसद
सूत्रों का कहना है कि वलीउल्लाह से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि वाराणसी में सीरियल बम धमाकों का मकसद अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस व गोधरा दंगों का बदला लेना था। उसने ही बांग्लादेश से आए तीनों आतंकियों को बाबरी विध्वंस व गोधरा दंगों की तस्वीरें व वीडियो भी दिखाए थे। यह तीनों आतंकी बांग्लादेश से वलीउल्लाह के फूलपुर स्थित घर पर पहुंचे थे। जिसकी मदद से उन्हें एक कमरा मिला था। इसके बाद वह तीनों को लेकर वाराणसी चला गया। जिसका मकसद धमाकों के लिए स्थान चिह्नित करना था।