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मोदी का नाम लेने से ही अखबारों में जगह पाते हैं राहुल गांधी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 16 Feb 2017 02:01 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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केंद्रीय मंत्री शहरी विकास, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन वेंकैया नायडू ने बुधवार को कहा कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल आदि नेता प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर इसलिए अनाप शनाप बयान देते हैं कि ताकि उन्हें अखबारों में जगह मिल जाए। कांग्रेस की देश में दुर्गति क्या है ये किसी से छिपा नहीं है। कांग्रेस के जिस ‘हाथ’ ने देश को बर्बाद किया अब वही हाथ अखिलेश यादव ने पकड़ा है। इस ‘हाथ’ को पकड़ने के लिए अखिलेश ने उस हाथ को छोड़ दिया जिसे पकड़कर उन्होंने बचपन में चलना सीखा था।
शहर पश्चिमी से भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ नाथ सिंह के समर्थन में चुनावी सभा संबोधित करने के पूर्व सिविल लाइंस स्थित एक होटल में अनौपचारिक मुलाकात में उन्होंने कहा कि समझ में नहीं आता कि जिस दल ने 27 साल यूपी बेहाल को लेकर रोड शो किए, खाट पंचायत की, वहीं दल आज आकर सपा की साइकिल में बैठ गया है। उस साइकिल के चक्कर में पिछले दिनों एक बड़ा फैमिली ड्रामा भी देश ने देखा। परिवार की लड़ाई में अखिलेश यादव भले ही जीत गए हों लेकिन असली लड़ाई तो अब चुनाव के मैदान में है। जनता इस दल को सबक सिखाकर ही दम लेगी।
वेंकैया ने कहा कि जो दल नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं उनसे यही कहूंगा कि पीएम के इस ऐतिहासिक कदम मेें बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। जो वर्ग बीजेपी से दूर था वह भी इस फैसले के बाद अब पार्टी के साथ खड़े हुए हैं। ऐसे लोग कुछ बोलते नहीं है, वे सिर्फ अपना मत देकर बता देते हैं कि वे किसके साथ हैं। नोटबंदी प्रकरण के बाद ही बीजेपी ने कई राज्यों में निकाय चुनाव जीता। यूपी में भी एमएलसी की तीन सीटें अपने नाम की।
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तमिलनाडु में जो इन दिनों चल रहा है उसे लेकर तमाम दल आरोप लगा रहे हैं कि ये सब केंद्र सरकार की मिली भगत से हो रहा है। कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर शशिकला सीएम बनती है तो वह ब्लैक डे होगा। भाजपा का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। पार्टी सिर्फ इतना ही कहेगी वहां के राज्यपाल ने विवेकपूर्ण निर्णय लिया।
शहरी विकास मंत्री वेंकैया ने कहा कि केंद्र सरकार का यूपी सरकार ने अगर साथ दिया होता तो निश्चित ही यहां अच्छे दिन आ गए होते। वेंकैया के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र ने सर्वे करवाया था कि यूपी में कितने घरों की जरूरत है। सर्वे के दौरान यह संख्या 30.7 लाख आई। बाद में राज्य सरकार ने भी कंफर्म किया कि यहां 17.5 लाख घरों की जरूरत है, लेकिन राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा सिर्फ 20287 का ही।
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शहर पश्चिमी से भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ नाथ सिंह के समर्थन में चुनावी सभा संबोधित करने के पूर्व सिविल लाइंस स्थित एक होटल में अनौपचारिक मुलाकात में उन्होंने कहा कि समझ में नहीं आता कि जिस दल ने 27 साल यूपी बेहाल को लेकर रोड शो किए, खाट पंचायत की, वहीं दल आज आकर सपा की साइकिल में बैठ गया है। उस साइकिल के चक्कर में पिछले दिनों एक बड़ा फैमिली ड्रामा भी देश ने देखा। परिवार की लड़ाई में अखिलेश यादव भले ही जीत गए हों लेकिन असली लड़ाई तो अब चुनाव के मैदान में है। जनता इस दल को सबक सिखाकर ही दम लेगी।
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वेंकैया ने कहा कि जो दल नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं उनसे यही कहूंगा कि पीएम के इस ऐतिहासिक कदम मेें बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। जो वर्ग बीजेपी से दूर था वह भी इस फैसले के बाद अब पार्टी के साथ खड़े हुए हैं। ऐसे लोग कुछ बोलते नहीं है, वे सिर्फ अपना मत देकर बता देते हैं कि वे किसके साथ हैं। नोटबंदी प्रकरण के बाद ही बीजेपी ने कई राज्यों में निकाय चुनाव जीता। यूपी में भी एमएलसी की तीन सीटें अपने नाम की।
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तमिलनाडु में जो इन दिनों चल रहा है उसे लेकर तमाम दल आरोप लगा रहे हैं कि ये सब केंद्र सरकार की मिली भगत से हो रहा है। कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर शशिकला सीएम बनती है तो वह ब्लैक डे होगा। भाजपा का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। पार्टी सिर्फ इतना ही कहेगी वहां के राज्यपाल ने विवेकपूर्ण निर्णय लिया।
शहरी विकास मंत्री वेंकैया ने कहा कि केंद्र सरकार का यूपी सरकार ने अगर साथ दिया होता तो निश्चित ही यहां अच्छे दिन आ गए होते। वेंकैया के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र ने सर्वे करवाया था कि यूपी में कितने घरों की जरूरत है। सर्वे के दौरान यह संख्या 30.7 लाख आई। बाद में राज्य सरकार ने भी कंफर्म किया कि यहां 17.5 लाख घरों की जरूरत है, लेकिन राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा सिर्फ 20287 का ही।