Prayagraj : कंपनी के प्रचार-प्रसार के लिए एक होर्डिंग के देता था हजारों रुपये, प्रोजेक्ट के नाम पर की ठगी
सस्ते प्लॉट का सपना दिखाकर लोगों से अरबों रुपये की ठगी करने वाले शाइन सिटी के निदेशक राशिद नसीम को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
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सस्ते प्लॉट का सपना दिखाकर लोगों से अरबों रुपये की ठगी करने वाले शाइन सिटी के निदेशक राशिद नसीम को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पता चला है कि उसने कंपनी खोलने के बाद शहर व आसपास के क्षेत्र में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग लगवाईं। किसानों व अन्य लोगों को एक होर्डिंग लगाने के एवज में प्रत्येक माह 20 से 25 हजार रुपये दिए जाते थे। आरोपी किसानों की जमीन को अपने रियल स्टेट प्रोजेक्ट की साइट बताकर लोगों से रुपये ठगता था।
करेली का रहने वाला नसीम करीब 20 साल पहले एक मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी का एक मामूली एजेंट था। इसके बाद उसने अपनी कंपनी बनाकर सिविल लाइंस समेत अन्य शहरों में ऑफिस खोल लिए। उसने कंपनी के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार के लिए खेतों में होर्डिंग लगवाईं। इसमें अपना और अपने एजेंटों का नंबर दिया।
सस्ते दामों पर प्लॉट बुक कराने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया। बाद में उसके फरार होने पर मामले का खुलासा हुआ तो पीड़ित लोग थाने के चक्कर काटने लगे। शुरुआत में कुछ एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद पीड़ित न्यायालय में इंसाफ की गुहार लगाने लगे। न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में राशिद व उसके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने लगीं।
कई एजेंट हो चुके हैं गिरफ्तार
कंपनी खुलने के बाद राशिद नसीम ने कुछ लोगों को वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजर के महत्वपूर्ण पदों पर रखा। प्लॉट की रजिस्ट्री पर इन्हीं लोगों के दस्तखत होते थे। बाद में प्लॉट न मिलने पर एफआईआर दर्ज हुईं तो दस्तखत करने वाले ही फंसे। पुलिस ने कंपनी के कई एजेंट समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
केस-एक
एजी ऑफिस से सेवानिवृत्त सुधा ने बताया कि कंपनी ने लखनऊ स्थित रियल स्टेट संबंधी योजनाओं में निवेश का झांसा दिया और वहां के मोहनलाल गंज में 551 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से 9.95 लाख रुपये में प्लाॅट बुक कराकर 5.97 लाख रुपये ले लिए। हालांकि, प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया। पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो कोर्ट की शरण ली।
केस-दो
वाराणसी के थाना जैतपुरा एलआईजी–6 निवासी देवेश कुमार मिश्रा से 30 जुलाई 2013 को शाइन सिटी कंपनी के द्वारा आठ लाख रुपये लिए गए और वादा किया गया कि उन्हें जमीन दी जाएगी। हालांकि, न तो जमीन पर कब्जा दिया गया और न ही पैसे लौटाए गए। कोर्ट के आदेश पर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
केस-तीन
टैगोरटाउन निवासी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि बेटी सौम्या सिंह और खुद के नाम से शाइन सिटी कंपनी में 4.90 लाख रुपये निवेश किए थे। एक वर्ष बाद लाभांश के साथ धनराशि लौटाने की बात कही गई थी। कंपनी के कार्यालय पर गए तो जानकारी हुई की सभी धोखधड़ी कर फरार हो गए हैं। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई।