UPSESSB : नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन का नहीं करना पड़ेगा इंतजार, देना होगा एक शपथ पत्र
नियुक्ति के बाद उनके शैक्षिक दस्तावेजों की जांच होती है। दस्तावेजों की जांच में काफी समय लग जाता है। ऐसे में जब तक शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होता है, तबतक शिक्षकों को वेतन के लिए इंतजार करना पड़ता है।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक शपथ पत्र देकर देकर वह वेतन पा सकेंगे। ज्वाइनिंग के बाद आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे शिक्षकों को इस पहल से काफी राहत मिलेगी।
दरअसल शिक्षकों की नियुक्ति के बाद उनके शैक्षिक दस्तावेजों की जांच होती है। दस्तावेजों की जांच में काफी समय लग जाता है। ऐसे में जब तक शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होता है, तबतक शिक्षकों को वेतन के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते शिक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शिक्षकों की समस्या को देखते शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वह ऐसे शिक्षकों से निर्धारित प्रारूप पर शपथ पत्र लेकर वेतन भुगतान की कार्रवाई करें। ताकि शिक्षकों को वेतन मिल सके। इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरतने का निर्देश भी दिया है।
शिक्षा मित्रों को दो माह से नहीं मिला मानदेय
बेसिक के शिक्षामित्रों को दो माह से मानदेय नहीं मिला है। विभागीय अफसरों की लापरवाही का खामियाजा शिक्षामित्रों को भुगतना पड़ रहा है। नए साल में भी वेतन मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इससे शिक्षामित्रों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक मांडलिक मंत्री शारदा प्रसाद शुक्ला की अध्यक्षता में साउथ मलाका में हुई। बैठक में जिला कार्यकारिणी के साथ सभी ब्लॉक अध्यक्ष व महानगर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
ब्लॉक अध्यक्षों ने बताया कि अभी तक कोरांव, बहादुरपुर, सोरांव ब्लॉक मानदेय भुगतान नहीं किया गया। क्योंकि संबंधित बीईओ ने वित्त लेखाधिकारी एवं समग्र शिक्षा कार्यालय में मानदेय बिल नहींभेजा गया है। जबकि शासन की ओर से समय से जनपदों को धनराशि भेज दी गई है। जबकि शासन का साफ निर्देश है कि माह की सात तारीख को शिक्षामित्रों के खाते में मानदेय पहुंच जाना चाहिए। इसके बाद भी विभागीय अफसरों की लापरवाही के चलते दो माह से मानदेय नहीं मिला है।