{"_id":"655a697b74ac77e0f704b18c","slug":"uppsc-will-be-certified-by-iso-allahabad-news-c-3-1-ald1020-263717-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: यूपीपीएससी पर लगेगी आईएसओ की मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: यूपीपीएससी पर लगेगी आईएसओ की मुहर
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) का प्रमाणपत्र मिलने की उम्मीद है। इसके लिए आईएसओ की एक टीम आयोग परिसर का दौरा करने आएगी और सभी मानकों को जांचने-परखने के बाद यूपीपीएससी को आईएसओ की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
आईएसओ की टीम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को 27 बिंदुओं के तहत 150 प्रकार के मानकों पर परखेगी। टीम आयोग की कार्यप्रणाली को भी देखेगी। आयोग ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए बीते दिनों कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और इससे आयोग की परीक्षाओं में पारदर्शिता भी बढ़ी है। 14 लाख से अधिक अभ्यर्थी वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराके आयोग से जुड़ चुके हैं।
किसी भी राज्य के आयोग से इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नहीं जुड़े हैं। आयोग परिसर में 112 करोड़ की लागत से 11 मंजिल की जी-11 बिल्डिंग बनने जा रही है, जो अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस होगी। वहीं, आयोग परिसर में ही संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। ओपन एयर ऑडिटोरियम भी बन रहा है। आयोग के गेट नंबर पांच और छह को सारनाथ की प्रतिकृति के रूप में बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
आयोग परिसर को हरा-भरा रखने के लिए वाटिका बनाई गई है। आने वाले दिनों में यूपीपीएससी परिसर अन्य राज्यों के आयोगों के मुकाबले काफी बेहतर होगा। आयोग की ओर से उठाए गए ये सभी महत्वपूर्ण कदम उन पैरामीटर्स को पूरा करने में मदद करेंगे, जो आईएसओ का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए जरूरी हैं।
आयोग के सूत्रों का कहना है कि आईएसओ की टीम मानकों को परखने के लिए जल्द ही आयोग परिसर में आएगी और इसके बाद आयोग को प्रमाणपत्र मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। यूपीपीएससी में 18 दिसंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यशाला में सभी राज्यों के आयोग के अध्यक्ष भी जुटने जा रहे हैं, जो यूपीपीएससी की परीक्षा प्रणाली और इंटरव्यू तकनीक से परिचित होंगे।
विज्ञापन
आईएसओ की टीम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को 27 बिंदुओं के तहत 150 प्रकार के मानकों पर परखेगी। टीम आयोग की कार्यप्रणाली को भी देखेगी। आयोग ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए बीते दिनों कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और इससे आयोग की परीक्षाओं में पारदर्शिता भी बढ़ी है। 14 लाख से अधिक अभ्यर्थी वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराके आयोग से जुड़ चुके हैं।
विज्ञापन
किसी भी राज्य के आयोग से इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नहीं जुड़े हैं। आयोग परिसर में 112 करोड़ की लागत से 11 मंजिल की जी-11 बिल्डिंग बनने जा रही है, जो अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस होगी। वहीं, आयोग परिसर में ही संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। ओपन एयर ऑडिटोरियम भी बन रहा है। आयोग के गेट नंबर पांच और छह को सारनाथ की प्रतिकृति के रूप में बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
आयोग परिसर को हरा-भरा रखने के लिए वाटिका बनाई गई है। आने वाले दिनों में यूपीपीएससी परिसर अन्य राज्यों के आयोगों के मुकाबले काफी बेहतर होगा। आयोग की ओर से उठाए गए ये सभी महत्वपूर्ण कदम उन पैरामीटर्स को पूरा करने में मदद करेंगे, जो आईएसओ का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए जरूरी हैं।
आयोग के सूत्रों का कहना है कि आईएसओ की टीम मानकों को परखने के लिए जल्द ही आयोग परिसर में आएगी और इसके बाद आयोग को प्रमाणपत्र मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। यूपीपीएससी में 18 दिसंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यशाला में सभी राज्यों के आयोग के अध्यक्ष भी जुटने जा रहे हैं, जो यूपीपीएससी की परीक्षा प्रणाली और इंटरव्यू तकनीक से परिचित होंगे।