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UPPSC : आरओ-एआरओ परीक्षा प्रदेश के 2382 केंद्रों पर आज, पहली बार हर केंद्र पर दो मजिस्ट्रेट

Sun, 27 Jul 2025 09:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 27 Jul 2025 09:25 AM IST
सार

UPPSC RO-ARO Exam : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 पर निगरानी के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पहली बार हर केंद्र पर दो मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। एआई के माध्यम से भी पैनी नजर रखी जा रही है। इसके पहले हुई परीक्षा में पेपर लीक होने के कारण इस बार आयोग ने सुचिता के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

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UPPSC RO-ARO exam tomorrow at 2382 centers in the state, extensive security arrangements
यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 पर निगरानी के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यह परीक्षा 27 जुलाई को प्रदेश के 2382 केंद्रों पर होगी। इससे पूर्व 11 फरवरी 2024 को हुई इसी परीक्षा में पेपर लीक हो गया था और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। यह परीक्षा अब डेढ़ साल बाद होने जा रही है और इस दौरान परीक्षा की पारदर्शिता व निगरानी के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए।

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आरओ/एआरओ परीक्षा पहली बार आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) की निगरानी में होगी। किसी भी गड़बड़ी की आशंका पर कंट्रोल रूम को सीधे अलर्ट मिल जाएगा और गड़बड़ी को रोका जा सकेगा। परीक्षा कक्ष में अगर कोई अभ्यर्थी उधर-उधर देखना है या धीमे से भी कुछ बोलता है तो एआई तकनीकी मदद से उसे तुरंत चिह्नित कर लिया जाएगा। सिर्फ अभ्यर्थी ही नहीं बल्कि कक्ष निरीक्षकों पर भी एआई की निगरानी होगी ताकि किसी भी तरह से गड़बड़ी की कोई आशंका न रह जाए। आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए 1076004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। आयोग को पहली बार इस परीक्षा के लिए प्रदेश के सभी जिलों में केंद्र बनाने पड़े हैं। प्रयागराज में कुल 106 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

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ऐसे काम करेगी एआई तकनीक

  • परीक्षा के दौरान प्रवेश/निकास द्वार पर किसी भी तरह की हलचल का पता चलने पर अलर्ट
  • कक्षाओं के अंदर फर्नीचर ठीक से व्यवस्थित न होने पर अलर्ट
  • कैमरे ऑफलाइन होने या मास्किंग या ब्लैक स्क्रीन द्वारा छेड़छाड़ किये जाने पर अलर्ट
  • परीक्षा से एक घंटे पहले या बाद में कक्षाओं में किसी भी तरह की हलचल होने पर अलर्ट
  • यदि अंतरीक्षक निर्धारित समय के बाद भी नहीं हिलता-डुलता/ अंतरीक्षक की गतिविधि में निष्क्रियता पाई जाती है तो अलर्ट
  • यदि निर्धारित घंटों के दौरान परीक्षा कक्ष में अनुमन्य संख्या से अधिक लोग हैं तो अलर्ट
  • कक्षा के अंदर भीड़/झगड़े/संघर्ष का पता चलने पर अलर्ट
  • यदि कक्षा के अंदर मोबाइल फोन पाया जाता है तो अलर्ट
  • परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थियों द्वारा आपस में बातचीत करने पर अलर्ट
  • अपनी सीट से 10 मिनट से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने की दशा में अलर्ट
  • अभ्यर्थियों द्वारा एक से अधिक बार पीछे मुड़ कर देखने पर अलर्ट

पहली बार हर केंद्र पर दो मजिस्ट्रेट

समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में पहली बार हर परीक्षा केंद्र में दो मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जाएगी जिनमें से एक सेक्टर व दूसरे स्टैटिक मजिस्ट्रेट होंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने 27 जुलाई को होने जा रही इस परीक्षा के लिए फुलप्रूफ निगरानी की व्यवस्था की है। आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा के लिए पहली बार प्रदेश के सभी 75 जिलों में 2382 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें 106 केंद्र प्रयागराज के हैं। आरओ/एआरओ के 411 पदों के लिए 1076004 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं जिनमें से 46032 अभ्यर्थी प्रयागराज के केंद्रों में परीक्षा देंगे। आयोग की किसी भी परीक्षा में ऐसा पहली बार होगा कि हर केंद्र पर एक सेक्टर व एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी।

सेक्टर मजिस्ट्रेट कोषागार से प्रश्न पुस्तिकाओं का गोपनीय ट्रंक प्राप्त करेंगे और संबंधित परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक, सह केंद्र व्यवस्थापक की उपस्थिति व लाइव सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में स्टैटिक मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराएंगे और अपनी देखरेख में प्रश्न पुस्तिकाओं को गोपनीय ट्रंक खुलवाएंगे, प्रश्न पत्र बंटवाएंगे और अवशेष प्रश्न पत्रों को अपने सामने सील कराएंगे। परीक्षा के बाद गोपनीय बंडल स्टैटिक मजिस्ट्रेट से प्राप्त कर लोक सेवा आयोग में बने काउंटर पर जमा कराने तक की संपूर्ण जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रेट की ही होगी। वहीं, स्टैटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा शुरू होने से तीन घंटे पहले परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने से लेकर परीक्षा की समाप्ति तक केंद्र पर सजग व सतत रूप से भ्रमणशील रहना होगा।

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आरओ/एआरओ अभ्यर्थियों के लिए चलेगी आठ कोच की मेमू
 

27 जुलाई को आरओ/एआरओ (समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी) की भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए रेलवे आठ कोच की मेमू ट्रेन का संचालन बनारस से प्रयागराज जंक्शन होते हुए कानपुर तक करेगा।
 

गाड़ी संख्या 05187 बनारस से 26 जुलाई की शाम 6.00 बजे रवाना होकर रात 8.32 बजे प्रयागराज रामबाग, 8.52 बजे प्रयागराज जंक्शन एवं रात 11.40 बजे कानपुर पहुंचेगी। दूसरी ओर यूपी रोडवेज द्वारा ऑन डिमांड अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि जिस रूट पर बसों की मांग होगी, उसी रूट पर अतिरिक्त बस चलाई जाएगी।


परीक्षा के लिए रोडवेज आज चलाएगा ऑन डिमांड बसें

समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के लिए रोडवेज रविवार को ऑन डिमांड बसें चलाएगा। परीक्षा से पहले शनिवार को काफी संख्या में अभ्यर्थी दूसरे जिलों के लिए रवाना हुए। ऐसे में सिविल लाइंस बस अड्डे के साथ प्रयागराज जंक्शन और संगम रेलवे स्टेशन पर भी शाम से परीक्षार्थियों की आवाजाही शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से यह परीक्षा प्रदेश के सभी जिलों में होगी।

प्रयागराज में 46 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, हालांकि यह सभी दूसरे जिलों के हैं। वहीं, रविवार को प्रयागराज से फतेहपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, वाराणसी, भदोही और कानपुर रूट पर जाने वाले परीक्षार्थियों की संख्या ज्यादा हो सकती है, इसलिए रोडवेज का इस रूट पर विशेष फोकस रहेगा। क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया, अतिरिक्त बसों का भी इंतजाम किया गया है। रीजन में तकरीबन 700 बसें हैं। रूटीन सेवा के अतिरिक्त ऑन डिमांड बसें चलेंगी।

पहली बार एक सत्र में होगी परीक्षा

आरओ/एआरओ परीक्षा पहली बार एक सत्र में सुबह 9:30 से अपराह्न 12:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। पहले यह परीक्षा दो सत्रों में होती थी। पहले सत्र में सामान्य अध्ययन की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 140 सवालों को हल करने के लिए दो घंटे का वक्त मिलता था और दूसरे सत्र में एक घंटे की परीक्षा में सामान्य हिंदी के वस्तुनिष्ठ प्रकार के 60 प्रश्न हल करने पड़ते थे। अब नए प्रश्न पत्र का नाम ‘सामान्य अध्ययन एवं सामान्य हिंदी (सामान्य शब्द ज्ञान एवं व्याकरण)’ होगा और इसमें भी वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। पेपर में कुल 200 प्रश्न होंगे जिनमें 140 प्रश्न सामान्य अध्ययन और 60 प्रश्न सामान्य हिंदी के होंगे। प्रश्नपत्र 200 अंकों का होगा और प्रत्येक प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित होगा। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए तीन घंटे का वक्त मिलेगा।


 

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