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यूपीपीएससी : कला का विवाद दूर होने के बाद हिंदी वालों ने मांगी नियुक्ति
Thu, 22 Jul 2021 11:38 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 22 Jul 2021 11:38 PM IST
सार
- आयोग में किया धरना-प्रदर्शन, चयन होने के बावजूद अर्हता के विवाद में फंसीं फाइलें
- अभ्यर्थियों को मिला आश्वासन, आठ से दस दिन में हो सकता है मामले का निस्तारण
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prayagraj news : यूपीपीएससी पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत कला विषय में अर्हता का विवाद दूर होने के बाद हिंदी विषय के चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में धरना-प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी वहां कई दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को वहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इकट्ठा हो गए। ऐसे में वहां पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। इसके बाद अभ्यर्थियों की तरफ से दो प्रतिनिधियों को आयोग में बात करने के लिए भेजा गया। संबंधित अनुभाग में वार्ता करने के बाद प्रतिनिधियों को आश्वासन मिला कि आठ से दस दिनों में निर्णय हो जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद की किरण दिखाई दी।
आयोग ने 15 मार्च 2018 को जारी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के विज्ञापन के तहत हिंदी विषय के अभ्यर्थियों के लिए इंटरमीडिएट में संस्कृत, बीए में हिंदी और बीएड की डिग्री की अर्हता निर्धारित की थी। तमाम अभ्यर्थियों के पास इंटर में संस्कृत विषय नहीं था। इसके लिए उन्होंने यूपी बोर्ड से इंटर में एकल विषय संस्कृत की परीक्षा दी थी। आवेदन की अंतिम तिथि 16 अप्रैल निर्धारित थी। नियम है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक या इससे पहले अभ्यर्थी के पास संबंधित अर्हता होनी चाहिए, लेकिन इंटरमीडिएट का रिजल्ट 29 अप्रैल 2018 को जारी हुआ। हालांकि आयोग ने कोर्ट के आदेश पर बाद में अलग से चार से 14 जून तक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन लिए। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किए और परीक्षा में शामिल होकर चयनित भी हो गए।
ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या तकरीबन 140 है। इनका कहना है कि आयोग ने बाद में अलग से आवेदन लिए और तब तक वे संस्कृत में इंटरमीडिएट कर चुके थे। ऐसे में वे अर्हता पूरी करते हैं। आयोग ने अभिलेख सत्यापन के दौरान इन अभ्यर्थियों को बुलाया था और इनके अभिलेखों का सत्यापन भी किया, लेकिन आयोग अर्हता तिथि के विवाद पर निर्णय नहीं ले सका। बाकी अभ्यर्थियों की फाइलें सत्यापन के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी गईं, लेकिन इन 140 चयनितों की फाइलें आयोग में ही पड़ी हैं।
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कला विषय के चयनित अभ्यर्थियों की अर्हता का विवाद दूर होने के बाद अब हिंदी विषय के अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि उनकी अर्हता का निस्तारण करते हुए फाइलें निदेशालय को शीघ्र भेजी जाएं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान और प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय ने अभ्यर्थियों की ओर से आयोग के प्रतिनिधि से बात की तो उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में आठ से दस दिनों में निर्णय होने की संभावना है। इस मौके पर पंकज, अंगद, रेखा यादव, पूजा वर्मा, कमलेश, मनीष कुमार, विमल, अर्चना सिंह, संजय, पूर्णिमा यादव, कमलेश, अरविंद आदि मौजूद रहे।
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आयोग ने 15 मार्च 2018 को जारी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के विज्ञापन के तहत हिंदी विषय के अभ्यर्थियों के लिए इंटरमीडिएट में संस्कृत, बीए में हिंदी और बीएड की डिग्री की अर्हता निर्धारित की थी। तमाम अभ्यर्थियों के पास इंटर में संस्कृत विषय नहीं था। इसके लिए उन्होंने यूपी बोर्ड से इंटर में एकल विषय संस्कृत की परीक्षा दी थी। आवेदन की अंतिम तिथि 16 अप्रैल निर्धारित थी। नियम है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक या इससे पहले अभ्यर्थी के पास संबंधित अर्हता होनी चाहिए, लेकिन इंटरमीडिएट का रिजल्ट 29 अप्रैल 2018 को जारी हुआ। हालांकि आयोग ने कोर्ट के आदेश पर बाद में अलग से चार से 14 जून तक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन लिए। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किए और परीक्षा में शामिल होकर चयनित भी हो गए।
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ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या तकरीबन 140 है। इनका कहना है कि आयोग ने बाद में अलग से आवेदन लिए और तब तक वे संस्कृत में इंटरमीडिएट कर चुके थे। ऐसे में वे अर्हता पूरी करते हैं। आयोग ने अभिलेख सत्यापन के दौरान इन अभ्यर्थियों को बुलाया था और इनके अभिलेखों का सत्यापन भी किया, लेकिन आयोग अर्हता तिथि के विवाद पर निर्णय नहीं ले सका। बाकी अभ्यर्थियों की फाइलें सत्यापन के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी गईं, लेकिन इन 140 चयनितों की फाइलें आयोग में ही पड़ी हैं।
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कला विषय के चयनित अभ्यर्थियों की अर्हता का विवाद दूर होने के बाद अब हिंदी विषय के अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि उनकी अर्हता का निस्तारण करते हुए फाइलें निदेशालय को शीघ्र भेजी जाएं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान और प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय ने अभ्यर्थियों की ओर से आयोग के प्रतिनिधि से बात की तो उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में आठ से दस दिनों में निर्णय होने की संभावना है। इस मौके पर पंकज, अंगद, रेखा यादव, पूजा वर्मा, कमलेश, मनीष कुमार, विमल, अर्चना सिंह, संजय, पूर्णिमा यादव, कमलेश, अरविंद आदि मौजूद रहे।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत कला विषय में अर्हता का विवाद दूर होने के बाद हिंदी विषय के चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में धरना-प्रदर्शन किया।