फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UPPSC Exams

बिना विवाद परीक्षा कराना आयोग के लिए चुनौती

Mon, 30 Sep 2019 01:06 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 01:06 AM IST
विज्ञापन
UPPSC Exams
UPPSC Exams
कहीं सीबीआई तो कहीं एसटीएफ कर रही है परीक्षा की जांच
विज्ञापन

रिजल्ट संशोधित किए जाने के बाद भी खत्म नहीं हो रहा विवाद
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के लिए बिना विवाद किसी भी परीक्षा का आयोजन चुनौती बन गया है। पिछले पांच वर्षों में आयोग की परीक्षाएं लगातार विवादों में रहीं। विवाद के कारण आयोग को कुछ परीक्षाओं के परिणाम भी बदलने पड़े और इसके बाद भी विवाद थमा नहीं। ताजा उदाहरण सहायक सांख्यिकी अधिकारी परीक्षा परिणाम का है। अंतिम चयन परिणाम संशोधित किए जाने के बावजूद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं।
अपर निजी सचिव (एपीएस)-2010 की परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम पिछले साल जारी किया गया। अंतिम चयन परिणाम में तमाम तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। सीबीआई को भी इसमें धांधली के सुबूत मिले और सीबीआई ने इसकी जांच के लिए शासन से विशेष अनुमति ली। आयोग को भी कार्रवाई करनी पड़ी और अंतिम चयन परिणाम जारी होने के बाद कुछ चयनित अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन निरस्त कर दिया गया। इतना कुछ होने के बाद भी एपीएस-2010 का अंतिम चयन परिणाम विवादों में फंसा है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर आउट होने का मामला सामने आने के बाद इस परीक्षा का परिणाम भी फंसा हुआ है और एसटीएफ इसकी जांच कर रही है।
विज्ञापन

इसी तरह सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2019 के तहत सहायक अभियंता के पदों पर भर्ती का अंतिम चयन परिणाम भी विवादों में फंसा है। आईआईटी और एनआईटी के छात्रों ने सीधे सीबीआई को पत्र लिखकर परीक्षा परिणाम में धांधली के आरोप लगाए हैं और परीक्षा की जांच कराए जाने की मांग की है। पीसीएस-2015 में भी मॉडरेशन और स्केलिंग की आड़ में नंबर घटाए-बढ़ाए जाने का मामला सामने आ चुका हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने मुकदमा भी दर्ज किया था लेकिन दोषी अब भी सीबीआई की पकड़ से बाहर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले दिनों जारी पीसीएस जे के अंतिम चयन परिणाम को भी लेकर भी विवाद हुआ था और अभ्यर्थियों ने चयन परिणाम में धांधली के आरोप लगाए थे। ताजा मामला सहायक सांख्यिकी अधिकारी परीक्षा का सामने आया हैं। गड़बड़ी के कारण आयोग को एक माह के भीतर संशोधित परिणाम जारी करना पड़ा। आयोग ने भी माना है कि इसमें गलती हुई थी और इसे सुधारने हुए संशोधित परिणाम में 26 नए अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। आयोग की परीक्षाओं में इस तरह की गड़बड़ियां लगातार सामने आ रही हैं और आयोग की परीक्षाओं का भविष्य अधर में फंसा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed