{"_id":"617eaded303ace012d1a28a9","slug":"uppsc-even-after-eight-months-of-selection-candidates-wandering-for-appointment","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपीपीएससी : चयन के आठ माह बाद भी नियुक्ति के लिए भटक रहे अभ्यर्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीपीएससी : चयन के आठ माह बाद भी नियुक्ति के लिए भटक रहे अभ्यर्थी
Sun, 31 Oct 2021 08:23 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 31 Oct 2021 08:23 PM IST
विज्ञापन
यूपीपीएससी : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2019 के तहत बिजली विभाग में सहायक निदेशक के पदों पर चयनित अभ्यर्थी रिजल्ट जारी होने के आठ माह बाद भी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। उनकी नियुक्ति से संबंधित फाइलें विभाग में ही पड़ी हुईं हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि दिवाली से पहले उन्हें नियुक्ति प्रदान की जाए।
एक तरफ मुख्यमंत्री आदेश जारी कर रहे हैं कि विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया छह माह के भीतर पूरी कर ली जाए। वहीं, चयन परिणाम आने के बाद आठ माह बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2019 का अंतिम चयन परिणाम 26 मार्च 2021 को जारी किया था। आयोग ने विभिन्न विभागों में सहायक अभियंता के 580 पदों अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया किया था, जबकि परीक्षा 648 पदों पर भर्ती के लिए हुई थी। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण 68 पद खाली रह गए थे।
चयन परिणाम जारी होने के कुछ दिनों बाद ही आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति विभागों को भेज दी थी। इस परीक्षा के तहत सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, बिजली विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, शहरी विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विकास विभाग आदि में सहायक अभियंता के पदों पर चयन किया गया था।
विज्ञापन
इसमें बिजली विभाग (सिक्योरिटी शाखा) में सहायक निदेशक के 21 पद शामिल थे। अन्य विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को तो दिवाली से पहले नियुक्ति मिल गई लेकिन बिजली विभाग में सहायक निदेशक के पदों पर चयनित अभ्यर्थी अब भी भटक रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस वेरीफिकेशन में काफी दे हुई और अब नियुक्ति की फाइल विभाग में पड़ी है। उन्होंने मांग की है कि दिवाली से पहले नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
विज्ञापन
एक तरफ मुख्यमंत्री आदेश जारी कर रहे हैं कि विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया छह माह के भीतर पूरी कर ली जाए। वहीं, चयन परिणाम आने के बाद आठ माह बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2019 का अंतिम चयन परिणाम 26 मार्च 2021 को जारी किया था। आयोग ने विभिन्न विभागों में सहायक अभियंता के 580 पदों अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया किया था, जबकि परीक्षा 648 पदों पर भर्ती के लिए हुई थी। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण 68 पद खाली रह गए थे।
विज्ञापन
चयन परिणाम जारी होने के कुछ दिनों बाद ही आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति विभागों को भेज दी थी। इस परीक्षा के तहत सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, बिजली विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, शहरी विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विकास विभाग आदि में सहायक अभियंता के पदों पर चयन किया गया था।
विज्ञापन
इसमें बिजली विभाग (सिक्योरिटी शाखा) में सहायक निदेशक के 21 पद शामिल थे। अन्य विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को तो दिवाली से पहले नियुक्ति मिल गई लेकिन बिजली विभाग में सहायक निदेशक के पदों पर चयनित अभ्यर्थी अब भी भटक रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस वेरीफिकेशन में काफी दे हुई और अब नियुक्ति की फाइल विभाग में पड़ी है। उन्होंने मांग की है कि दिवाली से पहले नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।