विज्ञापन
विज्ञापन

आयोग में नहीं होगा जाति-क्षेत्र को लेकर भेदभाव

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 16 Mar 2016 01:48 AM IST
लोक सेवा आयोज
लोक सेवा आयोज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
ख़बर सुनें
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से मुखातिब डॉ.अनिरुद्ध सिंह यादव पूर्व में लिए गए विवादित फैसलों तथा प्रतियोगियों की सीबीआई जांच जैसे मुद्दों पर सीधे जवाब देने से बचते रहे। हालांकि, इतना भरोसा दिलाने की उन्हाेंने पूरी कोशिश की कि भर्तियाें में हर स्तर पर पारदर्शिता बरती जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
 
अनिल यादव के कार्यकाल की भर्तियों में अनियमितता, जाति और क्षेत्र विशेष को तवज्जो देने जैसे तमाम आरोप लगे। इससे आयोग की साख भी धूमिल हुई। इस बाबत डॉ.अनिरुद्ध यादव ने कहा कि वह पुरानी किसी भी बात पर चर्चा नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि भर्तियों के लिए जो भी प्रतियोगी आवेदन करेगा वे सभी आयोग के लिए बराबर हैं। सबको न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसा कोई पद नहीं है, जिसे स्वछंदता और मनमानी करने की इजाजत मिली हो।

परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र का विकल्प दिए जाने की बाबत सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को पीसीएस में अतिरिक्त अवसर देने के सवाल पर भी उन्होंने विचार करने की बात कही। गलत जवाब को सही माने जाने, विशेषज्ञों के पैनल पर आपत्ति जैसे सवालों पर डॉ.यादव ने कहा कि  अभी उन्हाेंने जिम्मेदारी संभाली है।जहां-जहां कमी होगी उसे दूर किया जाएगा। संवादहीनता के आरोपों की बाबत उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगियों से वार्ता तो संभव नहीं है, लेकिन उनकी बात सुनने के अलग-अलग माध्यम हैं। इसे और पुख्ता किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग को आकार ही नहीं गुणवत्ता के स्तर पर भी सबसे बड़ा बनाने का प्रयास होगा। इसके लिए वह 100 फीसदी देने की कोशिश करेंगे।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष डॉ.अनिरुद्ध सिंह यादव ने मंगलवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। परीक्षा भवन में अफसरों और कर्मचारियों के बीच उन्होंने शपथ ली। कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ.सुनील कुमार जैन अवकाश पर हैं। इसलिए वरिष्ठतम सदस्य फरमान अली ने नए अध्यक्ष को शपथ दिलाई। डॉ.अनिरुद्ध यादव जुलाई 2019 तक इस पद पर बने रहेंगे।

इस मौके पर अफसरों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रयाग की महत्ता बखानी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश है। आयोग को आकार ही नहीं गुणवत्ता के मामले में भी सबसे बड़ा बनाना है। आयोग का गौरव स्थापित करने के लिए उन्होंने सबका साथ मांगा। डॉ.अनिरुद्ध यादव ने अप्रत्यक्ष रूप में अफसरों और कर्मचारियाें को ईमानदारी और पारदर्शी तरीके से काम करने की भी नसीहत दी।

उन्होंने कहा कि ‘यदि आप किसी को परेशान करेंगे तो खुद भी परेशान होंगे। चाहे कितना बड़ा आदमी हों।’ उन्होंने कहा कि आखिर कोई कितना और क्या खाएगा। इन शब्दों के माध्यम से उन्होंने अच्छा करने की अपील की। अफसरों और कर्मचारियों को यह भी भरोसा दिया कि उनकी हर समस्या में वह उनके साथ हैं। कर्मचारी प्रशासनिक ही नहीं व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर भी उनसे मिल सकते हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान सदस्य मेजर संजय यादव, डॉ.जयराम प्रसाद वैद्य समेत अनेक अफसर और कर्मचारी मौजूद रहे। सचिव सुरेश कुमार सिंह ने स्वागत किया। रविनंदन सिंह ने संचालन किया।

Recommended

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य
Invertis university

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019
Astrology

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Prayagraj

पीसीएस जे का अंतिम चयन परिणाम घोषित, गोंडा की आकांक्षा ने किया टॉप

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने तमाम विवादों के बीच शनिवार देर शाम उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया।

20 जुलाई 2019

विज्ञापन

मुकेश अंबानी ने बीते 11 साल में कभी नहीं बढ़ाई अपनी सैलरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की सैलरी से ज्यादा कंपनी में उनके रिश्तेदारों की सैलरी है। मुकेश अंबानी ने लगातार 11वें साल भी अपनी सैलरी में इजाफा नहीं किया है।

20 जुलाई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree