फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UPPSC: Commission surrounded by RO/ARO-2016

यूपीपीएससी : आरओ/एआरओ-2016 को लेकर भी घिरा आयोग

Sun, 18 Jul 2021 09:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 18 Jul 2021 09:58 PM IST
सार

  • विज्ञापन में नहीं थी निगेटिव मार्किंग, पर परीक्षा में कर दी थी लागू
  • पेपर लीक के कारण यूपीपीएससी ने दोबारा कराई थी प्रारंभिक परीक्षा

विज्ञापन
UPPSC: Commission surrounded by RO/ARO-2016
uppsc

विस्तार

पीसीएस-2018 के तहत प्रधानाचार्य के पदों पर भर्ती के विवाद को लेकर घिरे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के लिए समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2016 को लेकर भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विज्ञापन की शर्तों के विपरीत आयोग ने आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू कर दी थी, जबकि कुछ दिनों पहले ऐसे ही एक अन्य मामले में विज्ञापन की शर्तों के विपरीत भर्ती करने पर आयोग को अब प्रधानाचार्य के पदों का परिणाम संशोधित करना पड़ रहा है।

विज्ञापन


पीसीएस-2018 के तहत प्रधानाचार्य के 83 पदों की भर्ती के मामले में उच्च न्यायालय ने आयोग से कहा था कि अपने विज्ञापन का पालन करें और रिजल्ट संशोधित करें। इस मामले में आयोग सुप्रीम कोर्ट तक गया, लेकिन देश की सर्वोच्च अदालत ने आयोग की एसएलपी खारिज कर दी। आरओ/एआरओ-2016 की भर्ती को लेकर भी ऐसा ही विवाद है, जिसमें अभ्यर्थियों ने न्यायालय में याचिका दाखिल कर रखी है।
विज्ञापन


आरओ/एआरओ-2016 का विज्ञापन वर्ष 2016 में जारी किया गया था। परीक्षा में शामिल होने के लिए तीन लाख 85 हजार 122 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। नवंबर-2016 में आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के दौरान लखनऊ के एक सेंटर से प्रश्रपत्र व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने लखनऊ के एक थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

UPPSC: Commission surrounded by RO/ARO-2016
uppsc - फोटो : अमर उजाला
बाद में पेपर लीक मामले की सीबीसीआईडी जांच हुई और इसमें पेपर लीक के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। आयोग प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी करता, इससे पहले अमिताभ ठाकुर ने न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। आयोग ने मामले को खत्म करने के लिए प्रारंभिक परीक्षा को ही निरस्त कर दिया और 20 सितंबर 2020 को प्रारंभिक परीक्षा दोबारा कराई। वर्ष 2016 के विज्ञापन में निगेटिव मार्किंग नहीं थी, जबकि आयोग ने दोबारा हुई प्रारंभिक परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू कर दी।

आयोग का तर्क था कि वर्ष 2019 से यूपीपीएससी की सभी परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग लागू की गई है। आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2019 के बाद ही रही है, इसी वज हसे निगेटिव मार्किंग लागू की गई है। वहीं, अभ्यर्थियों का कहना था कि वर्ष 2016 में जारी विज्ञापन के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को ही परीक्षा में शमिल होने का मौका दिया गया है। नया विज्ञापन या आवेदन तो हुआ नहीं। ऐसे में आयोग विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन नहीं कर सकता। 

अभ्यर्थियों की मांग, निरस्त की जाए परीक्षा
आरओ/एआरओ-2016 के अभ्यर्थियों की मांग थी कि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू न की जाए। इस मामले में श्रीति सिंह ने कोर्ट में यचिका भी दाखिल कर रखी है। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह का आरोप है कि आयोग ने विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए प्रारंभिक परीक्षा कराई और कुछ माह पूर्व अंतिम चयन परिणाम भी जारी कर दिया। कौशल सहित तमाम प्रतियोगी छात्रों की मांग है कि आयोग पूरी परीक्षा निरस्त करे और बिना निगेटिव मार्किंग के नए सिरे से प्रारंभिक परीक्षा कराए।

आरओ/एआरओ के 260 पदों पर हुआ था चयन
समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2016 के तहत आठ प्रकार के 260 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। हालांकि परीक्षा 303 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण 43 पद खाली रह गए थे। पेपर लीक विवाद के कारण यह भर्ती पांच साल में पूरी हो सकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed