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आयोग में बार कोड व्यवस्था लागू करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 31 Mar 2017 02:04 AM IST
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यूपी
- फोटो : source
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में कोड नंबर में फर्जीवाड़ा कर कॉपी बदले जाने का मामला सामने आने के बाद अब कोड से जुड़ी पूरी व्यवस्था में ही परिवर्तन किए जाने की कवायद शुरू हो गई। आयोग में अब बार कोड की व्यवस्था लागू करने की तैयारी हो रही है। इस पर विचार भी शुरू हो गया है। किसी भी दिन आयोग के अफसर बैठक कर इस बारे में निर्णय ले सकते हैं। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने से फर्जीवाड़े पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा।
अगर सुहासिनी बाजपेयी की कॉपी बदले जाने का मामला सामने न आता तो शायद इस फर्जीवाड़े का खुलासा कभी न होता। गलत कोडिंग के जरिये एक अभ्यर्थी से दूसरे अभ्यर्थी की कॉपी बदले जाने का खुलासा होने के बाद अब कोडिंग व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतियोगी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि कोई भरोसा नहीं कि दूसरे मामलों में भी अभ्यर्थियों के साथ ऐसे ही धोखाधड़ी की गई हो और योग्य अभ्यर्थियों की जगह जुगाड़ वालों को नौकरी दे दी गई हो।
फिलहाल इन तमाम सवालों से घिरे लोक सेवा आयोग ने प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सुधार की कवायद शुरू कर दी है।
आयोग के सूत्रों का कहना है कि अब बार कोड की व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी चल रही है। नई व्यवस्था में कॉपियों पर कोड के रूप में नंबर नहीं अंकित होंगे। ऐसे में नंबरों में हेरफेर के जरिये किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं रह जाएगी। बार कोड व्यवस्था लागू होने के बाद सिर्फ कंप्यूटर में स्कैनिंग के जरिये अभ्यर्थी की पहचान संभव होगी और इसमें कोड बदलने जाने की भी कोई गुंजाइश नहीं होगी। आयोग के अफसर किसी भी दिन बैठक कर नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय ले सकते हैं।
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अगर सुहासिनी बाजपेयी की कॉपी बदले जाने का मामला सामने न आता तो शायद इस फर्जीवाड़े का खुलासा कभी न होता। गलत कोडिंग के जरिये एक अभ्यर्थी से दूसरे अभ्यर्थी की कॉपी बदले जाने का खुलासा होने के बाद अब कोडिंग व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतियोगी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि कोई भरोसा नहीं कि दूसरे मामलों में भी अभ्यर्थियों के साथ ऐसे ही धोखाधड़ी की गई हो और योग्य अभ्यर्थियों की जगह जुगाड़ वालों को नौकरी दे दी गई हो।
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फिलहाल इन तमाम सवालों से घिरे लोक सेवा आयोग ने प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सुधार की कवायद शुरू कर दी है।
आयोग के सूत्रों का कहना है कि अब बार कोड की व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी चल रही है। नई व्यवस्था में कॉपियों पर कोड के रूप में नंबर नहीं अंकित होंगे। ऐसे में नंबरों में हेरफेर के जरिये किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं रह जाएगी। बार कोड व्यवस्था लागू होने के बाद सिर्फ कंप्यूटर में स्कैनिंग के जरिये अभ्यर्थी की पहचान संभव होगी और इसमें कोड बदलने जाने की भी कोई गुंजाइश नहीं होगी। आयोग के अफसर किसी भी दिन बैठक कर नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय ले सकते हैं।
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