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UPPSC : कोविड में फंसी आरओ/एआरओ के चयनितों की नियुक्ति
Sat, 29 May 2021 08:25 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 May 2021 08:25 PM IST
सार
- अभिलेख सत्यापन न होने के कारण अयोग में अटकी रह गईं फाइलें
- भर्ती पूरी होने के लिए अभ्यर्थियों ने पांच साल तक किया इंतजार
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UPPSC
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2016 के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति कोविड के कारण फंसी हुई है। विवादों में घिरी इस परीक्षा का परिणाम जारी करने में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को पांच साल का वक्त लगा। किसी तरह रिजल्ट तो जारी हो गया लेकिन कोविड के कारण अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी। नतीजा कि अभ्यर्थियों की फाइलें आयोग में ही अटकी रह गईं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने आरओ/एआरओ-2016 के तहत 361 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इनमें सामान्य चयन के 356 और विशेष (बैकलॉग) चयन के पांच पद थे। आरओ/एआरओ के 303 पद थे और बाकी पद राजकीय बचत में स्टेटिकल असिस्टेंट, महिला एवं बाल कल्याण में इंवेस्टिगेटर कम कंप्यूटर, बाट माप विभाग में इंवेस्टिगेटर कम कंट्रोलर, असिस्टेंट मलेरिया अफसर, जूनियर ऑडिटर जैसे विशेष योग्यता वाले थे। पांच साल के दौरान विशेष योग्यता वाले कई पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास चली गई तो कई पद विभागों में समाप्त हो गए। आयोग के सूत्रों का कहना है कि ऐसे ही विभिन्न कारणों से 58 पद भर्ती परीक्षा से बाहर कर दिए गए।
भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2016 में जारी हुआ और अंतिम चयन परिणाम 2021 में आया। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण आयोग ने आरओ/एआरओ के 303 पदों के मुकाबले 260 पदों पर ही अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया। बाकी 43 पद खाली रह गए। चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन 22 से 24 अप्रैल तक होना था, लेकिन कोविड संक्रमण तेजी से बढने के कारण सत्यापन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। सत्यापन न होने से चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें आयोग में ही अटकी हुईं हैं। सत्यापन के बाद ही आयोग की ओर से चयनितों की नियुक्ति की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने आरओ/एआरओ-2016 के तहत 361 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इनमें सामान्य चयन के 356 और विशेष (बैकलॉग) चयन के पांच पद थे। आरओ/एआरओ के 303 पद थे और बाकी पद राजकीय बचत में स्टेटिकल असिस्टेंट, महिला एवं बाल कल्याण में इंवेस्टिगेटर कम कंप्यूटर, बाट माप विभाग में इंवेस्टिगेटर कम कंट्रोलर, असिस्टेंट मलेरिया अफसर, जूनियर ऑडिटर जैसे विशेष योग्यता वाले थे। पांच साल के दौरान विशेष योग्यता वाले कई पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास चली गई तो कई पद विभागों में समाप्त हो गए। आयोग के सूत्रों का कहना है कि ऐसे ही विभिन्न कारणों से 58 पद भर्ती परीक्षा से बाहर कर दिए गए।
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भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2016 में जारी हुआ और अंतिम चयन परिणाम 2021 में आया। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण आयोग ने आरओ/एआरओ के 303 पदों के मुकाबले 260 पदों पर ही अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया। बाकी 43 पद खाली रह गए। चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन 22 से 24 अप्रैल तक होना था, लेकिन कोविड संक्रमण तेजी से बढने के कारण सत्यापन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। सत्यापन न होने से चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें आयोग में ही अटकी हुईं हैं। सत्यापन के बाद ही आयोग की ओर से चयनितों की नियुक्ति की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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