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UPMSP: मूल्यांकन केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की लगी ड्यूटी, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से

Thu, 16 Mar 2023 01:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Mar 2023 01:02 AM IST
सार

यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी अंतिम दौर में है। मूल्यांकन की शुचिता बनाए रखने के लिए मूल्यांकन केंद्रों के आस-पास धारा 144 लागू रहेगी। परीक्षा केंद्रों की तरह ही अब मूल्यांकन केंद्रों की जिम्मेदारी भी इस बार स्टैटिक मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है।

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UPMSP: Duty of static magistrate at evaluation centers
यूपी बोर्ड एग्जाम 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी अंतिम दौर में है। मूल्यांकन की शुचिता बनाए रखने के लिए मूल्यांकन केंद्रों के आस-पास धारा 144 लागू रहेगी। परीक्षा केंद्रों की तरह ही अब मूल्यांकन केंद्रों की जिम्मेदारी भी इस बार स्टैटिक मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। इसके संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

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मूल्यांकन केंद्र पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट ही 10 बंडलों का चयन रैंडम करेंगे और उपप्रधान परीक्षक को उत्तर पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी। मूल्यांकन कार्य सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। खुफिया पुलिस के साथ मूल्यांकन केंद्रों पर सादी वर्दी में पुलिस तैनात रहेगी। हर केंद्र पर चार सशस्त्र पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। परीक्षक अपने साथ मूल्यांकन कक्ष में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे।
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प्रदेश के 258 केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य 18 मार्च से एक अप्रैल तक चलेगा। इसके लिए एक लाख 40 हजार से अधिक परीक्षक लगाए जाएंगे। पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से दिशा निर्देश सभी जिलों के लिए जारी कर दिए गए हैं। मूल्यांकन केंद्रों को पहली बार स्टैटिक मजिस्ट्रेट के हवाले किया जाएगा। हालांकि डाइट के प्राचार्य पूर्व वर्षों की भांति पर्यवेक्षक की भूमिका में रहेंगे।

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शासन ने यह माना है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी अतिसंवेदनशील कार्य है। इसके लिए मूल्यांकन अवधि तक सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर मूल्यांकन कार्य को शुचितापूर्ण तरीके से कराने में सहयोग करने को कहा गया है। मूल्यांकन में गड़बड़ी की स्थिति में स्टैटिक मजिस्ट्रेट की जवाबदेही रहेगी।

बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि स्टैटिक मजिस्ट्रेट दस बंडलों का रैंडम तरीके से चयन करेंगे और उसे उप प्रधान परीक्षक को देंगे। साथ ही लगातार मूल्यांकन कार्य का सतत निरीक्षण करेंगे। जनपद एवं राज्य स्तर से मूल्यांकन केंद्रों की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रहेगी। वेब कास्टिंग के माध्यम से लाइव मानीटरिंग होगी। प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी कैमरा रहेगा। सचिव ने कहा कि कोई भी परीक्षक मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई होगी। केंद्रों में एक पृथक कक्ष रहेगा जहां परीक्षकों का मोबाइल जमा रहेगा।

डायट के प्राचार्य रहेंगे पर्यवेक्षक
मूल्यांकन केंद्रों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी डायट के प्राचार्य निभाएंगे। प्रत्येक जिले के डायट प्राचार्य अपने यहां के सभी मूल्यांकन केंद्रों की जांच करेंगे। पर्यवेक्षक यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी केंद्र पर बाहरी व्यक्ति न आने पाए। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि उपप्रधान परीक्षकों को रैंडम तरीके से उत्तर पुस्तिकाएं दी जा रही हैं अथवा नहीं, इसकी निगरानी भी पर्यवेक्षक करेंगे। केंद्र के बाहर भीड़ जमा ना होने पाए, इसकी जिम्मेदारी भी पर्यवेक्षक पर रहेगी।

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