UPHESC : छह फरवरी को पूरा होगा अध्यक्ष का कार्यकाल, फंसेगी असिस्टेंट प्रोफेसर के 117 पदों पर भर्ती
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा और एक अन्य सदस्य का कार्यकाल छह फरवरी को पूरा हो जाएगा। चर्चा थी कि उन्हें सेवा विस्तार मिल सकता है, लेकिन शासन से अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
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उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा और एक अन्य सदस्य का कार्यकाल छह फरवरी को पूरा हो जाएगा। चर्चा थी कि उन्हें सेवा विस्तार मिल सकता है, लेकिन शासन से अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। अगर सेवा विस्तार नहीं मिला तो विज्ञापन संख्या-51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का फंसना तय है।
आयोग के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा का कार्यकाल छह फरवरी को पूरा हो जाएगा। इसी दिन आयोग की सदस्य रजनी त्रिपाठी का कार्यकाल भी पूरा होने जा रहा है, जबकि दो दिन पूर्व यानी चार फरवरी को सदस्य कृष्ण कुमार का कार्यकाल पूरा हो चुका है। आयोग में अध्यक्ष का एक और सदस्य के छह पद हैं। दो सदस्यों का कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका है। ऐसे में छह फरवरी के बाद आयोग में केवल दो सदस्य रह जाएंगे।
शासन की ओर से आयोग के नए अध्यक्ष एवं नए सदस्यों की नियुक्ति के लिए अब तक कोई विज्ञापन भी जारी नहीं किया गया है। चर्चा थी कि शासन स्तर से मौजूदा अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल बढ़ा दिया जाएगा। चार फरवरी को सदस्य कृष्ण कुमार का कार्यकाल पूरा हो गया, लेकिन उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला। अब सोमवार को अध्यक्ष एवं एक अन्य सदस्य को सेवा विस्तार मिलेगा या नहीं, इस पर असमंजस है।
चर्चा इस बात की भी है कि अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के बाद यूपीएचईएएसी को नए शिक्षा सेवा चयन आयोग में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इन तमाम अटकलों के बीच अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर होने वाली भर्ती पर संकट मंडराता दिख रहा है। इस भर्ती के लिए अगस्त-2022 में आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
भर्ती के लिए तकरीबन 1.14 लाख आवेदन आए हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा तिथि घोषित होने का इंतजार है। अगर मौजूदा अध्यक्ष को सेवा विस्तार नहीं मिलता है तो कोरम पूरा न होने के कारण परीक्षा की तिथि भी घोषित नहीं की जा सकेगी।
अगर शासन की ओर से नए अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाती है या आयोग को नए शिक्षा सेवा आयोग में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू होती है तो इसमें महीनों बीत जाएंगे और भर्ती अटक जाएगी। अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार के निर्णय टिकी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कब होगी।
नियुक्ति के लिए भटक रहे पुनर्मूल्यांकन में चयनित अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या-50 के तहत पांच विषयों के पुनर्मूल्यांकन में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर चयनित 17 अभ्यर्थी अब नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। आयोग ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में असिस्टेंट प्रोफेसर गणित, होमसाइंस, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा और संस्कृत विषय की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कराया था। इसमें वेटिंग लिस्ट में शामिल 17 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया, जबकि पूर्व में चयनित 17 अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हो गए, लेकिन पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी है। ये अभ्यर्थी अब कोर्ट चल गए हैं और ऐसे में नए चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंस गई है।