यूपीईएसएससी : जूनियर एडेड स्कूलों में 1800 पदों पर होगी भर्ती, सभी जिलों के रिक्त पदों का मिला अधियाचन
प्रदेश भर के जूनियर एडेड स्कूलों में करीब 1800 रिक्त पदों पर भर्ती होगी। इसमें प्रधानाध्यापक के करीब 1500 व सहायक अध्यापक के करीब 300 पद शामिल हैं।
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प्रदेश भर के जूनियर एडेड स्कूलों में करीब 1800 रिक्त पदों पर भर्ती होगी। इसमें प्रधानाध्यापक के करीब 1500 व सहायक अध्यापक के करीब 300 पद शामिल हैं। बृहस्पतिवार देर शाम लगभग सभी जनपदों से प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के अधियाचन बेसिक शिक्षा विभाग को मिल चुके हैं।
अब बेसिक शिक्षा विभाग अधियाचन का परीक्षण कर इसे निदेशक को भेजेगा। निदेशक की ओर से ऑनलाइन अधियाचन उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज दिया जाएगा। यह पहली बार होगा जब जूनियर एडेड स्कूलाें की भर्ती परीक्षा चयन आयोग कराने जा रहा है। इसके पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से यह परीक्षा आयोजित कराई गई थी।
करीब पांच वर्ष बाद जूनियर एडेड स्कूलों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए लंबे समय से प्रतियोगी छात्र इंतजार कर रहे थे। इसके पहले वर्ष 2021 में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के करीब 1800 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। मामला कोर्ट चला गया था। वर्ष 2026 में 65 प्रधानाध्यापक व 622 सहायक अध्यापक पदों पर नियुक्ति दे दी गई है। शेष पदों पर अभी भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। उसके अतिरिक्त अब नए सिरे से भर्ती शुरू हो रही है।
अभिलेख के साथ आएंगे सभी जनपदों के बीएसए
पांच से सात अक्तूबर तक प्रदेश के सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बेसिक शिक्षा निदेशालय बुलाया गया है। जिन स्कूलाें में रिक्त पद हैं और वहां भर्ती होनी है, इसकी पूरी डिटेल के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलग-अलग तीन दिनों में यहां आएंगे। पूरे प्रदेश की बात की जाए तो अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों की संख्या 3046 है लेकिन इसमें 946 स्कूल ऐसे हैं जो उच्चीकृत किए जा चुके हैं, इसलिए प्रदेश भर के 2100 स्कूलों के लिए यह भर्ती प्रक्रिया लागू होगी। सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल भर्ती अधिनियम-1978 के सातवें संशोधन-2019 के तहत यह भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
प्रदेश के लगभग सभी जनपदों से रिक्त पदों के विवरण आ चुके हैं। वर्ष-2021 के बाद जो पद रिक्त थे उसके विवरण मंगाए गए हैं। तीन अलग-अलग दिनों में सभी बीएसए को समस्त अभिलेखों के साथ बुलाया गया है। इसके बाद पोर्टल आदि तैयार किया जाएगा फिर उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग को ऑनलाइन भेज दिया जाएगा। - मनोज कुमार द्विवेदी, अपर शिक्षा निदेशक, उप्र बेसिक शिक्षा विभाग