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UP Violence: हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से 24 घंटे में मांगा जवाब, जावेद पंप का घर तोड़ने के खिलाफ याचिका पर हो रही थी सुनवाई
Tue, 28 Jun 2022 03:47 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 28 Jun 2022 03:47 PM IST
सार
दस जून को हिंसा के आरोपी जावेद पंप का दो मंजिला मकान प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने बिना नक्शा के बनवाने के आरोप में बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया था जबकि जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा ने आरोप लगाया कि मकान उनके नाम है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को यूपी में 10 जून की हिंसा के आरोपी जावेद पंप की पत्नी फातिमा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से 24 घंटे के अंदर इस मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित की है।
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दस जून को हिंसा के आरोपी जावेद पंप का दो मंजिला मकान प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने बिना नक्शा के बनवाने के आरोप में बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया था जबकि जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा ने आरोप लगाया कि मकान उनके नाम है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने बिना नोटिस दिए छुट्टी के दिन शनिवार और रविवार को उनका मकान बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया। याची की तरफ से मांग की गई है कि दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाए साथ ही क्षतिपूर्ति की जाए तथा जब तक मकान बने, उन्हें सरकारी आवास आवंटित किया जाए।
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न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र व न्यायमूर्ति एस डब्लू मियां की कोर्ट में यह सुनवाई हुई। सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने पक्ष रखा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे में जवाब लगाने के साथ अगली सुनवाई 30 जून निर्धारित की है।
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उल्लेखनीय है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा मकान गिराए जाने के बाद कुछ वकीलों ने लेटर पिटिशन के माध्यम से इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में उठाया था। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लेटर पिटिशन को अस्वीकार कर दिया था और रेगुलर पिटीशन में आने को कहा था। इसी के बाद परवीन फातिमा की तरफ से याचिका दाखिल की गई। गत दिवस यह याचिका न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की पीठ में आई थी, जिसे उन्होंने सुनने से मना कर दिया था।