RO/ARO Paper Leak: पुलिस भर्ती पेपर लीक के मास्टर माइंड राजीव नयन की जमानत मंजूर, पर नहीं निकलेगा जेल से बाहर
आरओ-एआरओ मामले में राजीव नयन की जमानत याचिका इलाहाबाद जिला अदालत से खारिज हो चुकी है। इसलिए पुलिस भर्ती मामले में यह भले ही जमानत पा चुका है लेकिन जेल से नहीं छूटेगा।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के मास्टर माइंड राजीव नयन मिश्रा की जमानत मंजूर कर ली है। गौतमबुद्ध नगर के थाना सेक्टर 39 में एसटीएफ की ओर से दर्ज मामले में इसका नाम पेपर लीक गिरोह के साथी सह अभियुक्त प्रमोद कुमार पाठक, मोनू पंडित, मोहन उर्फ मोना, गौरव चौधरी, आशीष पालीवाल, अखिलेश और राहुल की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था।
गौरतलब है कि 17 और 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई, जिसके बाद शासन ने परीक्षा को रद्द कर दिया।
परीक्षा में नकल कराने के मामले में एसटीएफ ने प्रमोद पाठक नामक व्यक्ति को एसटीएफ ने 5 मार्च को गिरफ्तार किया था। इस मामले में गैंग के अन्य सदस्य मोनू पंडित, मोहन, गौरव, आशीष, अखिलेश, राहुल को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। एसटीएफ मेरठ की यूनिट ने मास्टर माइंड राजीव नयन को गिरफ्तार किया था। राजीव नयन मिश्रा प्रयागराज के थाना मेजा ग्राम अमोरा का रहने वाला है। इसका नाम लोक सेवा आयोग के आरओ/एआरओ परीक्षा के पेपर लीक के मास्टर माइंड के रूप में भी सामने आया है। हाल ही में जिला अदालत प्रयागराज ने इसकी जमानत खारिज की थी।
गौतम बुद्ध नगर के सेक्टर 39 में पुलिस भर्ती परीक्षा मामले में राजीव नयन ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याची की अधिवक्ता स्वाति अग्रवाल ने दलील दी कि याची गौतम बुद्ध नगर में पुलिस की ओर से दर्ज मामले में नामजद नहीं है। सह अभियुक्तों के बयानों से उसका नाम प्रकाश में आया है। वह निर्दोष है। इसी मामले में सह अभियुक्त प्रमोद कुमार पाठक, मोनू श्रम उर्फ मोनू पंडित, मोहन उर्फ मोना और गौरव चौधरी की जमानत मंजूर हो चुकी है। लिहाजा, हाईकोर्ट की एकल पीठ ने राजीव नयन की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
आरओ-एआरओ मामले में राजीव नयन की जमानत याचिका इलाहाबाद जिला अदालत से खारिज हो चुकी है। इसलिए पुलिस भर्ती मामले में यह भले ही जमानत पा चुका है लेकिन जेल से नहीं छूटेगा।