UP News : वाराणसी के क्लार्क होटल पर रक्षा संपदा विभाग का चार करोड़ रुपये बकाया
रक्षा संपदा विभाग की तरफ से प्रयागराज के 44, वाराणसी के 13 और अयोध्या के 10 बंगलों को नोटिस भेजा गया है। इसमें प्रत्येक बंगले पर पांच लाख रुपये से ऊपर का बकाया है। वहीं सबसे बड़ा बकाया वाराणसी के क्लार्क होटल पर है।
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रक्षा संपदा विभाग ने प्रयागराज के अलावा अयोध्या और वाराणसी के पट्टाधारकों को 10 करोड़ रुपये बकाये का नोटिस भेजा है। 1925 से 1937 के बीच छावनी अधिनियम के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों को 90 वर्ष के लिए आवंटित की गई रक्षा भूमि के पट्टे की अवधि समाप्त हो चुकी है। वर्ष 2017 के बाद नए सर्किल रेट लागू होने पर रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर रक्षा संपदा विभाग ने 90 वर्ष के समाप्त पट्टों को बकाया जमा कर आगे जारी रखने का नोटिस भेजा है। इन तीनों जिलों के कुल 67 बंगलों को यह नोटिस भेला गया है। इसमें वाराणसी के नामी क्लार्क होटल का भी नाम शामिल है। क्लार्क पर चार करोड़ रुपये बकाया है।
रक्षा संपदा विभाग की तरफ से प्रयागराज के 44, वाराणसी के 13 और अयोध्या के 10 बंगलों को नोटिस भेजा गया है। इसमें प्रत्येक बंगले पर पांच लाख रुपये से ऊपर का बकाया है। वहीं सबसे बड़ा बकाया वाराणसी के क्लार्क होटल पर है। रक्षा संपदा की तरफ से चार करोड़ रुपये का बकाया भेजा गया है। रक्षा संपदा विभाग के अफसरों का कहना है कि जो शुरुआती दौर में पट्टा आवंटन के समय जो दर लागू की गई थी, वह काफी कम थी। इश वजह से सालाना किराया 400 से 500 रुपये की बीच आता था। वहीं रक्षा मंत्रालय ने 2017 के बाद नया सर्किल रेट जारी कर दिया है।
इस आधार पर 90 वर्ष पूरे कर चुके प्रतिष्ठानों को नए सर्किल रेट के आधार पर बकाया रकम जमा करने के बाद लीज को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करने का नोटिस जारी किया गया है। अब नया सर्किल रेट सभी के लिए मुसीबत बन चुका है। इसलिए कि नए सर्किल रेट के आधार पर प्रति स्क्वायर फिट पांच से 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। ऐसे में प्रत्येक बंगले पर लाखों में बकाया निकाला गया है। यह रेट कैंटोनमेंट के एरिया के हिसाब से लागू किया गया है।
न्यू कैंट और ओल्ड कैंट के बिजली उप केंद्रों को भी नोटिस
न्यू कैंट और ओल्ड कैंट में बिजली विभाग के सब स्टेशनों को भी रक्षा संपदा विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा अयोध्या और वाराणसी के कुछ सरकारी दफ्तरों को भी नोटिस भेजा गया है।
जिन प्रतिष्ठानों की 90 वर्ष की लीज पूरी हो चुकी है, उन्हें नये सर्किल रेट के आधार पर बकाया जमा करने के साथ लीज आगे जारी रखने का नोटिस भेजा गया है। - अमित मिश्रा, रक्षा संपदा अधिकारी।