हाईकोर्ट का आदेश : 15 नवंबर तक प्रेस मान्यता समिति गठित करे यूपी सरकार
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने आल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आचार्य श्रीकांत की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश को यूपी प्रेस मान्यता समिति 15 नवंबर 2022 तक गठित करने का निर्देश दिया है। सरकार की तरफ से बताया गया कि पिछली समिति का कार्यकाल 2020 में समाप्त हो चुका है। आवेदन मांगे गए हैं। नई समिति के गठन की प्रक्रिया जारी है। शीघ्र ही समिति गठित कर दी जायेगी। इसपर कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि सरकार 15 नवंबर तक समिति का गठन कर देगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने आल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आचार्य श्रीकांत की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया है। मामले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उण्प्र ने 16 जून 2020 को प्रेस मान्यता समिति गठित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया। उत्तर प्रदेश शासन ने ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन (ऐप्रवा) को सम्मिलित करने के लिए एक पत्र निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग यूपी को भेजा है। जिसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही हैं।
शासन की ओर से यह बताया गया था कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के कारण नई सरकार बनने के बाद प्रेस मान्यता समिति का गठन करने की कार्यवाही कर ली जाएगी। इस पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा था कि नयी सरकार बनने के बाद मान्यता समिति गठित नहीं होता तो याची फिर से याचिका दायर कर सकता है।
नई सरकार बनने पर ऐप्रवा के अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी की ओर से अनुस्मारक स्मरण पत्र शासन को भेजा गया। जिसके बावजूद भी यूपी मान्यता समिति का गठन नहीं हो पाया। याची का कहना है कि सूचना विभाग ने इसी प्रकार से लगभग 28 महीनों से समिति गठन लटका रखा है। कोर्ट ने गाइडलाइंस के तहत समिति गठित करने का निर्देश दिया है।