यूपी चुनाव 2022 प्रयागराज : गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं की दावेदारी से सपा नेताओं की बढ़ी मुश्किल, मच सकती है उथल पुथल
बसपा छोड़कर आए हाकिम लाल बिंद ने हंडिया से टिकट मांगा है। वहीं, पार्टी के कद्दावर नेता बासुदेव यादव की बेटी निधि यादव, पूर्व विधायक प्रशांत सिंह समेत अनेक नेताओं ने भी इस सीट से टिकट के लिए दावेदारी की है।
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दूसरे दलों से आए बड़े नेताओं तथा छोटी पार्टियों संग गठबंधन से सपा के भीतर भी उथलपुथल शुरू हो गई है। गठबंधन में शामिल कई दलों के नेताओं ने बंटवारे में सीट मिलने के साथ चुनाव लड़ने की भी दावेदारी कर दी है। इसके विपरीत सपा से टिकट मांगने वालों की लंबी सूची है और वह प्रचार भी कर रहे हैं। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व के सामने इस खींचतान को रोकने की चुनौती बढ़ गई है।
बसपा छोड़कर आए हाकिम लाल बिंद ने हंडिया से टिकट मांगा है। वहीं, पार्टी के कद्दावर नेता बासुदेव यादव की बेटी निधि यादव, पूर्व विधायक प्रशांत सिंह समेत अनेक नेताओं ने भी इस सीट से टिकट के लिए दावेदारी की है। विधायक मुज्तबा सिद्दीकी ने भी प्रतापपुर एवं फूलपुर से टिकट मांगा है। जबकि, विजमा यादव समेत कई अन्य दिग्गज नेताओं ने भी इन सीटों से दावेदारी की है। भाजपा छोड़कर आए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के पुत्र को भी फाफामऊ से टिकट के दावेदारों में माना जा रहा है। इससे भीतरघात की भी आशंका बन गई है।
ऐसे में सहयोगी दलाें की ओर से यहां की कई सीटों पर दावेदारी किए जाने से सपा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई में गठित प्र्रजापति भागीदारी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री महेश चंद्र ने मेजा से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी की है। उनका कहना है कि यह सीट भागीदारी पार्टी के खाते में आ सकती है और वह गठबंधन के संभावित उम्मीदवार हैं। उनका कहना है कि पार्टी ने फाफामऊ सीट भी मांगी है। इनके अलावा अपना दल कमेरावादी की ओर से भी प्रयागराज में हिस्सेदारी मांगी गई है।
पटेल मतदाताओं की अधिक संख्या वाली सोरांव सीट पर पार्टी की दावेदारी की बात कही जा रही है। इससे टिकट के लिए दावेदारी करने वालों के अलावा पार्टी के दिग्गज नेताओं में भी नाराजगी की बात सामने आने लगी है। हालांकि, जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता टिकट बंटवारे को लेकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही टिकट तय करेंगे।
छोटे दलों की बड़ी हुई भूमिका
तेजी से बनते-बिगड़ते सियासी समीकरणों के बीच छोटे तथा जातीय आधारित दलों की भूमिका बढ़ती दिख रही है। ज्यादातर दल भाजपा तथा सपा के बीच में बंट गए हैं। ऐसे में इस विधानसभा चुनाव में वह सीर्फ वोट कटवा नहीं बनने जा रहे, सीधी भागीदारी निभाएंगे। भाजपा का अपना, निषाद पार्टी के साथ गठबंधन है।
इसके अलावा कई अन्य दलों संग गठबंधन की तैयारी है। वहीं सपा का एक दर्जन संगठनों तथा दलों के साथ गठबंधन हैं। इनमें अपना दल कमेरावादी, राष्ट्रीय लोकदल, जनवादी सोशलिस्ट पार्टी, महान दल, गाेंडवाना गणतंत्र पार्टी, कांशी राम बहुजन मूल निवासी पार्टी, अखिल भारतीय खटिक समाज पार्टी समेत अन्य दल शामिल हैं। इस तरह से भाजपा और सपा के साथ खड़े दल खुद अपना उम्मीदवार उतारेंगे या गठबंधन के प्रत्याशी को वोट करेंगे।
आप, एमआईएमआईएम की भी होगी बड़ी भूमिका
ज्यादातर दल भाजपा या सपा के साथ जुड़ गए हैं लेकिन आम आदमी पार्टी तथा एमआईएमआईएम अपने दम पर ही चुनावी समर में उतरेंगे। आम आदमी पार्टी ने चार दलों संयुक्त जनादेश पार्टी, सबका दल युनाइटेड पार्टी, राष्ट्रीय जन अधिकारी पार्टी, समान अधिकारी से समझौता भी किया है। आम आदमी पार्टी ने यहां की सभी सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वहीं एमआईएमआईएम भी ज्यादातर सीटों पर दावेदारी करने जा रही है। ऐसे में इन दलों की सफलता पर भाजपा और सपा की रणनीति भी निर्भर करेगी।
आयोग की वैन पर निकले दिग्गजों ने की मतदान की अपील
निर्वाचन आयोग की वैन पर निकले शहर की प्रमुख हस्तियाें ने लोगों से मतदान में भागीदारी की अपील की। स्वीप कार्यक्रम के तहत शनिवार को वैन कलक्ट्रेट से रवाना किया गया जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में गया। डीएम संजय कुमार खत्री ने वैन को हरी झंडी दिखाई।
वैन लक्ष्मी टाकीज, प्रयाग स्टेशन, सलोरी, तेलियरगंज, म्योराबाद, राजापुर, अशोक नगर, हाईकोर्ट, प्रीतम नगर, ट्रिपलआई आदि क्षेत्रों में गई और उसमें बैठे लोगों ने मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक किया। वैन पर सवार होने वालाें में अर्जुन अवार्र्डी अभिन्न श्याम गुप्ता, डॉ. राजेश कुमा गर्ग, सोनाली चक्रवर्ती, कवि डॉ.श्लेष गौतम, रंगकर्मी प्रवीण शेखर, अनुपम परिहार आदि शामिल रहे।
सेक्टर मजिस्ट्रेट भ्रमण कर चुनावी तैयारियों का देंगे विवरण
सेक्टर मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। अब उनसे अपने-अपने क्षत्रों का भ्रमण करने के लिए कहा गया है। साथ ही रिपोर्ट मांगी गई है। विधानसभावार भ्रमण और रिपोर्ट सौंपने का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है, जिसकी शुरुआत सोमवार से होगी। सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में आचार संहिता का पालन, निष्पक्ष चुनाव, मतदान स्थलों की स्थिति आदि की बाबत रिपोर्ट सौंपेंगे।