{"_id":"678336d210646ded79089c08","slug":"up-boards-app-passed-in-twenty-minutes-of-testing-allahabad-news-c-3-1-ald1020-538869-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: बीस मिनट के परीक्षण में पास हुआ यूपी बोर्ड का एप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: बीस मिनट के परीक्षण में पास हुआ यूपी बोर्ड का एप
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए तैयार किया गया एप 15 से 20 मिनट के परीक्षण में पास हो गया। इसके साथ ही एप को 23 जनवरी से शुरू होने जा रही प्रयोगात्मक परीक्षा में लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। प्रयोगात्मक परीक्षाएं आठ फरवरी तक दो चरणों में आयोजित की जाएंगी।पहले अक्सर शिकायतें आती थीं कि परीक्षक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर अंक अपलोड कर देते हैं। ऐसे में यूपी बोर्ड ने अपने एप को अपडेट कर दिया और ऐसी व्यवस्था लागू कर दी कि परीक्षकों को अंक अपलोड करने के लिए हर हाल में परीक्षा केंद्र तक आना होगा। केंद्र से 100 मीटर के दायरे के बाहर अंक अपलोड नहीं किए जा सकेंगे।
यूपी बोर्ड ने शनिवार को प्रयागराज के 23 स्कूलों में एप का परीक्षण कराया। परीक्षण की जिम्मेदारी 11 उपसचिवों को सौंपी गई। इसके तहत अफसरों ने स्कूल से ही जियो लोकेशन ली और इसके बाद नंबर से लेकर सेल्फी अपलोड करने तक की प्रक्रिया पूरी की। परीक्षण 15 से 20 मिनट में पूरा हो गया। परीक्षण सफल होने के बाद प्रयोगात्मक परीक्षा में इस एप का इस्तेमाल किया जाएगा।
परीक्षण के लिए रणजीत पंडित इंटर कॉलेज नैनी, मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज करछना व सुभाष चंद्र इंटर कॉलेज करछना में उप सचिव सत्येंद्र नाथ तिवारी, मोती लाल नेहरू इंटर कॉलेज कौंधियारा व शृंगी ऋषि इंटर कॉलेज करछना में चेतन त्रिपाठी, राजकीय इंटर कॉलेज व आर्य कन्या इंटर कॉलेज में डॉ. शालिनी यादव, पब्लिक इंटर कॉलेज मनौरी व किदवई मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज में श्रद्धा शुक्ला, डीपी गर्ल्स इंटर कॉलेज व सेंट एंथोनी इंटर कॉलेज में ऋचा श्रीवास्तव की ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन
एआई के लिए तीसरी बार टेंडर
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल के लिए एजेंसी का चयन किया जाना है। यूपी बोर्ड ने तीसरी बार टेंडर निकालने का निर्णय लिया है। तीन से कम फर्में होने के कारण नियमत: टेंडर खोला नहीं जा सकता। इसी वजह से यूपी बोर्ड को दूसरी बार निकाले गए टेंडर को भी निरस्त करना पड़ा है।
अब तीसरी बार टेंडर मांगा जाएगा और इस बार अगर एक एजेंसी भी आवेदन करती है तो उसे टेंडर दे दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में एआई का इस्तेमाल किया जाएगा, जो निर्धारित समय से पहले कमरा खुलने या कोई हरकत होने पर यूपी बोर्ड के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा। ब्यूरो
यूपी बोर्ड ने शनिवार को प्रयागराज के 23 स्कूलों में एप का परीक्षण कराया। परीक्षण की जिम्मेदारी 11 उपसचिवों को सौंपी गई। इसके तहत अफसरों ने स्कूल से ही जियो लोकेशन ली और इसके बाद नंबर से लेकर सेल्फी अपलोड करने तक की प्रक्रिया पूरी की। परीक्षण 15 से 20 मिनट में पूरा हो गया। परीक्षण सफल होने के बाद प्रयोगात्मक परीक्षा में इस एप का इस्तेमाल किया जाएगा।
विज्ञापन
परीक्षण के लिए रणजीत पंडित इंटर कॉलेज नैनी, मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज करछना व सुभाष चंद्र इंटर कॉलेज करछना में उप सचिव सत्येंद्र नाथ तिवारी, मोती लाल नेहरू इंटर कॉलेज कौंधियारा व शृंगी ऋषि इंटर कॉलेज करछना में चेतन त्रिपाठी, राजकीय इंटर कॉलेज व आर्य कन्या इंटर कॉलेज में डॉ. शालिनी यादव, पब्लिक इंटर कॉलेज मनौरी व किदवई मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज में श्रद्धा शुक्ला, डीपी गर्ल्स इंटर कॉलेज व सेंट एंथोनी इंटर कॉलेज में ऋचा श्रीवास्तव की ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन
एआई के लिए तीसरी बार टेंडर
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल के लिए एजेंसी का चयन किया जाना है। यूपी बोर्ड ने तीसरी बार टेंडर निकालने का निर्णय लिया है। तीन से कम फर्में होने के कारण नियमत: टेंडर खोला नहीं जा सकता। इसी वजह से यूपी बोर्ड को दूसरी बार निकाले गए टेंडर को भी निरस्त करना पड़ा है।
अब तीसरी बार टेंडर मांगा जाएगा और इस बार अगर एक एजेंसी भी आवेदन करती है तो उसे टेंडर दे दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में एआई का इस्तेमाल किया जाएगा, जो निर्धारित समय से पहले कमरा खुलने या कोई हरकत होने पर यूपी बोर्ड के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा। ब्यूरो