नई शिक्षा नीति : विद्यार्थियों का रचनात्मक मूल्यांकन करेगा यूपी बोर्ड, कक्षा नौ से लागू करने का निर्देश
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि रचनात्मक मूल्यांकन कक्षा शिक्षण के साथ-साथ चलने वाली प्रक्रिया है। यह सीखने के बाद नहीं, बल्कि सीखने के साथ ही किया जाता है।
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नई शिक्षा नीति के तहत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद छात्रों के रचनात्मक मूल्यांकन पर जोर दे रहा है। कक्षा में छात्र विषय को रचनात्मक तरीके से समझकर जल्द सीख सकें, इसके लिए प्रारूप तैयार किया गया है। सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखकर प्रारंभिक चरण में कक्षा नौ में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि रचनात्मक मूल्यांकन कक्षा शिक्षण के साथ-साथ चलने वाली प्रक्रिया है। यह सीखने के बाद नहीं, बल्कि सीखने के साथ ही किया जाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षण के दौरान ही सीखने के स्तर एवं पढ़ाई जाने वाली विषयवस्तु की समझ का आकलन कराना है ताकि शिक्षकों को अपनी शिक्षण तकनीक की प्रभावशीलता (फीडबैक) प्राप्त हो सके।
जैसे पांच और पांच को जोड़ना है तो पांच-पांच बच्चों को खड़ा करके मिला दिया और जोड़कर बता दिया कि पांच-पांच मिलकर दस होते हैं। इसके आधार पर शिक्षक अपनी पाठ्य योजना में आवश्यक परिवर्तन कर सकते हैं। इस आकलन के आधार पर कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाने में सहायता मिलती है। अत: इससे शिक्षण अधिगत प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सकता है।
इसमें कार्यशाला आयोजित कर विषयवार रचनात्मक मूल्यांकन के उपकरण एवं तकनीक जैसे वाद-विवाद, समूह चर्चा, मॉडल, चार्ट, दृश्यात्मक प्रस्तुति, रोल प्ले आदि गतिविधियों को शामिल कर प्रारूप तैयार किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है प्रारंभिक तौर पर इसे कक्षा नौ में लागू करते हुए चरणबद्ध तरीके से अन्य कक्षाओं में भी लागू करें।
परीक्षा केंद्रों के बारे में 15 तक दर्ज कराएं आपत्ति
जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2023 के निर्धारित केंद्रों के बारे में 15 दिसंबर तक ऑनलाइन और ऑफलाइन आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। निर्धारित परीक्षा केंद्रों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी कर दी गई है। निर्धारित तिथि के बाद मिलने वाली आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।