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UP Board : यूपी बोर्ड में अगले सत्र से 10 विषय पढ़ाने की तैयारी, पाठ्यक्रम बनाने को लेकर मंथन

Wed, 14 Aug 2024 06:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 14 Aug 2024 06:44 PM IST
सार

नई शिक्षा नीति चार वर्ष पहले घोषित की गई थी, अब उस पर अमल करने की तैयारी है। नई शिक्षा नीति के क्रम में जारी नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ)-2023 के अंतर्गत हाईस्कूल में 10 विषय पढ़ाए जाने हैं। इसमें तीन विषय भाषा के होंगे। इसके अलावा सात विषयों में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंतर्विषयक क्षेत्र, शारीरिक शिक्षा, कला शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा के होंगे।

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UP Board: Preparation to teach 10 subjects in UP Board from the next session
यूपी बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नई शिक्षा नीति के अनुसार यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्र के स्वरूप में काफी कुछ बदलाव की तैयारी है। इसके लिए मंगलवार से दो दिवसीय मंथन शुरू हुआ। इसमें सीबीएसई के पूर्व चेयरमैन अशोक गांगुली और पूर्व परीक्षा नियंत्रक पवनेश कुमार ने बदलाव के संबंध में बोर्ड के अधिकारियों को कई सुझाव दिए।

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नई शिक्षा नीति चार वर्ष पहले घोषित की गई थी, अब उस पर अमल करने की तैयारी है। नई शिक्षा नीति के क्रम में जारी नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ)-2023 के अंतर्गत हाईस्कूल में 10 विषय पढ़ाए जाने हैं। इसमें तीन विषय भाषा के होंगे। इसके अलावा सात विषयों में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंतर्विषयक क्षेत्र, शारीरिक शिक्षा, कला शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा के होंगे।
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इन विषयों का पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्र का स्वरूप तैयार करने के लिए सीमैट में दो दिवसीय कार्यशाला हुई। इसमें अशोक गांगुली ने कहा कि हाईस्कूल स्तर के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि पाठ्यक्रम संक्षिप्त किया जाए।
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हाईस्कूल स्तर पर प्रत्येक विषय के पाठ्यक्रम में केवल आधारभूत जानकारी शामिल की जाए। अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी का ले सकते हैं। अन्य विषय में बोर्ड बदलाव करे।

वहीं, पवनेश कुमार कहा कि हमारी मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं। वर्षभर पढ़ाई की और तीन घंटे में पांच प्रश्न हल करवाकर बच्चे का हम मूल्यांकन करते हैं, यह उचित नहीं है। जो कुछ पढ़ाया है, उन सबमें से प्रश्न पूछे जाए। हर अध्याय से प्रश्न रहने पर ही सही मूल्यांकन हो सकेगा।

उन्होंने प्रश्नपत्र निर्माण की विधि बताई। यूपी बोर्ड के अफसरों ने कई प्रश्न भी पूछे। कार्यशाला में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह, अपर सचिव एसके सिंह, अपर सचिव प्रशासन सरदार सिंह और उप सचिव देवव्रत सिंह थे।

बदलेगा मूल्यांकन का तरीका

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत 100 अंक के प्रश्नपत्र में 80 अंक की लिखित परीक्षा और 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा। तीन भाषाओं और गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान व अंतर्विषयक क्षेत्र के प्रश्नों की सार्वजनिक परीक्षा होगी। जबकि शारीरिक शिक्षा, कला और व्यावसायिक शिक्षा का मूल्यांकन वाह्यपरीक्षक करेंगे। इन तीनों विषयों में लिखित परीक्षा 30 अंकों की और आंतरिक मूल्यांकन 70 अंक का होगा।

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