फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UP Board and other departments started investigation of the documents presented in the hearing.

SIR News : सुनवाई में प्रस्तुत दस्तावेज की यूपी बोर्ड व अन्य विभागों ने शुरू की जांच

Sun, 15 Feb 2026 04:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 15 Feb 2026 04:03 PM IST
सार

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची में कोई भी अपात्र या फर्जी वोटर शामिल न हो पाए इसके लिए नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज की संबंधित विभागों से जांच शुरू करा दी गई है।

विज्ञापन
UP Board and other departments started investigation of the documents presented in the hearing.
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची में कोई भी अपात्र या फर्जी वोटर शामिल न हो पाए इसके लिए नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज की संबंधित विभागों से जांच शुरू करा दी गई है।

विज्ञापन


मार्कशीट का सत्यापन यूपी बोर्ड से कराया जा रहा है व अन्य दस्तावेज की जांच संबंधित विभागों को सौंपी गई है। हालांकि, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही है। ऐसे में परीक्षा की व्यस्तता के कारण सत्यापन की गति थोड़ी धीमी है। नो मैपिंग श्रेणी में दो लाख 87 हजार 612 मतदाताओं को चिह्नित किया गया है जिनके स्वयं के नाम और माता-पिता व दादा-दादी के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं। ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित पहचान पत्रों में से कोई एक जमा करना है।
विज्ञापन


इसके लिए मतदाता को सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पहचान पत्र प्रस्तुत करना है। अगर मतदाता किसी कारणवश सुनवाई में शामिल हो पा रहा है तो परिवार का कोई भी सदस्य उपस्थित होकर पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकता है लेकिन इसके लिए वोटर को अपने अधिकृत हस्ताक्षर से सहमति देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान ज्यादातर मतदाता अपनी हाईस्कूल की मार्कशीट प्रस्तुत कर रहे हैं। मार्कशीट सही है या फर्जी, इसका सत्यापन यूपी बोर्ड के माध्यम से कराया जा रहा है। इसके अलावा जिन वोटरों ने बैंक, डाकघर, एलआईसी से संबंधित कोई पहचान या प्रमाणपत्र लगाया है अथवा पासपोर्ट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है, उनका सत्यापन संबंधित विभागों से कराया जा रहा है।

सुनवाई में शामिल नो मैपिंग श्रेणी के वोटरों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज का संबंधित विभागों से सत्यापन कराया जा रहा है। अब तक सभी दस्तावेज सही पाए गए हैं। सुनवाई व सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर ली जाएगी। - पूजा मिश्रा, उपजिला निर्वाचन अधिकारी

10.62 लाख वोटरों को नोटिस जारी

एआईआर के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगति से संबंधित 10 लाख 62 हजार 435 वोटरों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और इनमें से चार लाख 33 हजार 786 मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस उपलब्ध करा दिए गए हैं। मतदाताओं की सुनवाई की प्रक्रिया भी चल रही है। नो मैपिंग व तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं के नामों की लिस्ट बूथ लेवल अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही इन्हें सार्वजनिक स्थलों जैसे, तहसील, पंचायत भवनों एवं वार्ड कार्यालयों आदि में प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा यह लिस्ट वेबसाइट https://prayagraj.nic.in/ पर भी उपलब्ध है जहां इसे आसानी से देखा व डाउनलोड किया जा सकता है।

सुनवाई में प्रस्तुत करने हैं ये दस्तावेज

- केंद्र या राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनर्स को जारी कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
- सरकारी या स्थानीय प्राधिकरणों, बैंकों, डाकघरों, एलआईसी या पीएसयू द्वारा एक जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी पहचान पत्र या प्रमाणपत्र।
- जन्म प्रमाणपत्र जो किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी हो।
- पासपोर्ट।
- मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाणपत्र जो किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया हो।
- स्थायी निवास प्रमाणपत्र जो राज्य प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया हो।
- वन अधिकार प्रमाणपत्र।
- जाति प्रमाणपत्र (ओबीसी/एससी/एसटी) जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से संबंधित प्रमाणपत्र (जहां यह लागू है)।
- फैमिली रजिस्टर, जो राज्य या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया हो।
- भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र, जो सरकार द्वारा जारी किया गया हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed