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चार चरणों में होगा यूपी बार कौंसिल का चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:38 AM IST
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सजा सुनने के बाद भाग
- फोटो : amar ujala
इलाहाबाद। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव तिथि की घोषणा कर दी गई है। चुनाव चार चरणों में दो फरवरी 2017 से प्रारंभ होकर 23 फरवरी तक होगा। कौंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया है कि मतदान दो-तीन फरवरी, आठ और नौ फरवरी, 15-16 फरवरी और 22-23 फरवरी को कराए जाएंगे। पूरे प्रदेश को चार जोन में बांट कर अलग-अलग तिथियों पर मतदान कराने की व्यवस्था की गई है। जिलों का बंटवारा अल्फाबेट के आधार पर किया जाएगा। बार कौंसिल अध्यक्ष एपी सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति में चुनाव तिथियों की जानकारी दी गई है।
25 सदस्यों के चयन के लिए प्रत्येक पांच वर्ष में होने वाले चुनाव के लिए अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति राजाराम यादव को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। जस्टिस राजाराम इससे पूर्व के भी चुनाव में आरओ के दायित्व का निर्वहन कर चुके हैं। मौजूदा समय में कौंसिल में करीब सवा तीन लाख सदस्य हैं। इसके अलावा 2010 के बाद पंजीकृत हुए ऐसे अधिवक्ताओं को भी मतदान का अधिकार मिल सकता है, जिन्होंने बीसीआई द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। हालांकि कौंसिल के सूत्रों का कहना है कि अभी तक नए वकीलों का प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है। प्रत्येक चरण का मतदान दो दिन तक होगा। मतगणना का कार्य इलाहाबाद स्थित बार कौंसिल के प्रधान कार्यालय में होगा। बार कौंसिल के चुनाव में प्रदेश भर के जिलों से अधिवक्ता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।
डेढ़ लाख मिलेगी अनुदान राशि
बार कौंसिल की बैठक में लिए गए अहम निर्णय के तहत 60 से 80 वर्ष की आयु के अधिवक्ताओं की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को अब डेढ़ लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। अभी तक अनुदान की राशि एक लाख रुपये थी। धनराशि का भुगतान यूपी बार कौंसिल की वृद्धावस्था मृत्यु अनुदान योजना के तहत किया जाएगा।
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25 सदस्यों के चयन के लिए प्रत्येक पांच वर्ष में होने वाले चुनाव के लिए अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति राजाराम यादव को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। जस्टिस राजाराम इससे पूर्व के भी चुनाव में आरओ के दायित्व का निर्वहन कर चुके हैं। मौजूदा समय में कौंसिल में करीब सवा तीन लाख सदस्य हैं। इसके अलावा 2010 के बाद पंजीकृत हुए ऐसे अधिवक्ताओं को भी मतदान का अधिकार मिल सकता है, जिन्होंने बीसीआई द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। हालांकि कौंसिल के सूत्रों का कहना है कि अभी तक नए वकीलों का प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है। प्रत्येक चरण का मतदान दो दिन तक होगा। मतगणना का कार्य इलाहाबाद स्थित बार कौंसिल के प्रधान कार्यालय में होगा। बार कौंसिल के चुनाव में प्रदेश भर के जिलों से अधिवक्ता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।
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डेढ़ लाख मिलेगी अनुदान राशि
बार कौंसिल की बैठक में लिए गए अहम निर्णय के तहत 60 से 80 वर्ष की आयु के अधिवक्ताओं की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को अब डेढ़ लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। अभी तक अनुदान की राशि एक लाख रुपये थी। धनराशि का भुगतान यूपी बार कौंसिल की वृद्धावस्था मृत्यु अनुदान योजना के तहत किया जाएगा।
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