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यूपी बार कौंसिल में मचा घमासान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 24 Oct 2016 02:18 AM IST
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उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई बैठक में रविवार को जमकर हंगामा हुआ। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह के करने का विरोध जताते हुए 14 सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उनका कहना था कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव है, लिहाजा वह अध्यक्षता नहीं कर सकते हैं। दूसरी ओर अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव का कोई नियम नहीं होने की बात उठाई। उन्होंने सदस्यों की आपत्ति यह कहकर खारिज कर दी कि बार कौंसिल में अविश्वास प्रस्ताव का कोई नियम नहीं है। इस हंगामे के बाद बैठक स्थगित कर दी गई, जिससे भविष्य में मामला और गरमाने के आसार हैं।
बार कौंसिल ने 25 में से 22 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में हिस्सा लिया। अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने कार्यकारिणी को विश्वास में लिए बिना कई निर्णय लिए, जिसमें प्रमाणपत्र छपवाने का टेंडर भी शामिल है। कुछ सदस्यों द्वारा बार कौंसिल में की गई नियुक्तियों को अध्यक्ष ने रद्द कर दिया है। इसकी वजह से भी उनके खिलाफ नाराजगी है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 23 अक्तूबर की तिथि तय थी। चर्चा शुरू हुई तो अनिल प्रताप सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करने का विरोध शुरू हो गया। 14 सदस्य बैठक छोड़कर बाहर चले गए। बैठक का बहिष्कार करने वाले सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पास कर उस पर हस्ताक्षर भी किए हैं। अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का कोई नियम नहीं है। जब नियम बन जाएगा तब इस मुद्दे पर विचार होगा।
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बार कौंसिल ने 25 में से 22 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में हिस्सा लिया। अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने कार्यकारिणी को विश्वास में लिए बिना कई निर्णय लिए, जिसमें प्रमाणपत्र छपवाने का टेंडर भी शामिल है। कुछ सदस्यों द्वारा बार कौंसिल में की गई नियुक्तियों को अध्यक्ष ने रद्द कर दिया है। इसकी वजह से भी उनके खिलाफ नाराजगी है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 23 अक्तूबर की तिथि तय थी। चर्चा शुरू हुई तो अनिल प्रताप सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करने का विरोध शुरू हो गया। 14 सदस्य बैठक छोड़कर बाहर चले गए। बैठक का बहिष्कार करने वाले सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पास कर उस पर हस्ताक्षर भी किए हैं। अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का कोई नियम नहीं है। जब नियम बन जाएगा तब इस मुद्दे पर विचार होगा।
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