विवि में अध्यापकों को अब नहीं मिलेगा सत्र लाभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभी तक की व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय और संघटक कालेजों में जुलाई से जून के बीच रिटायर होने वाले अध्यापकों को सत्र लाभ मिलता रहा है। हालांकि, 65 साल की आयु पूरी करने के दिन से वे प्रशासनिक पदों पर नहीं रह सकते थे, लेकिन सत्र लाभ के तहत वे 30 जून तक विश्वविद्यालय में बने रहते थे। इस दौरान कक्षाएं लेने के साथ उन्हें पूरा वेतन मिलता रहा है। जबकि, अफसरों का कहना है कि विश्वविद्यालय के ऑर्डिनेंस में सत्र लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है।
पुनर्नियुक्ति के तहत संबंधित सत्र के लिए उनकी तैनाती होने के साथ सभी लाभ मिलते रहे हैं लेकिन इस सत्र से यह लाभ अध्यापकों को नहीं मिलेगा। रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 25 फरवरी को हुई कार्यपरिषद की बैठक में पुनर्नियुक्ति की व्यवस्था खत्म करने का निर्णय लिया गया था। आठ जून की बैठक में इसके मिनट्स को भी स्वीकृति मिल गई। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि ऑर्डिनेंस में सत्र लाभ की कोई व्यवस्था नहीं है। पुनर्नियुक्ति का प्रावधान है लेकिन उसे भी खत्म कर दिया गया है। इसी के अंतर्गत 65 साल की उम्र पूरी करने वाले अध्यापक उसी महीने की आखिरी तारीख को रिटायर हो जाएंगे।
विश्वविद्यालय में सत्र 2016-17 में 12 अध्यापक रिटायर हो रहे हैं। उन्हें इस आशय का पत्र भी भेज दिया गया है। इनमें से भौतिकी के प्रोफेसर बीके घोष पांच जुलाई, दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर नरेंद्र सिंह 19 जुलाई और फाइन आर्ट्स की डॉ.मंजू अग्रवाल 26 जुलाई को 65 साल की आयु पूरी कर रही हैं। ये तीनों शिक्षक इसी महीने 31 तारीख को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। विधि के प्रोफेसर एलआर सिंह 11 अगस्त को 65 साल के हो जाएंगे। इस तरह से वह 31 अगस्त को रिटायर होंगे।
विधि के ही प्रोफेसर एसएचके अकबर की जन्मतिथि एक नवंबर है। इस तरह से वह 31 अक्तूबर को ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। शिक्षाशास्त्र की प्रोफेसर प्रतिभा उपाध्याय और भौतिकी की प्रोफेसर रंजना प्रकाश 30 नवंबर को रिटायर होंगी। रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एके सिंह 31 दिसंबर को रिटायर होंगे। गणित के प्रोफेसर पारसनाथ पांडेय एवं अंग्रेजी के प्रोफेसर सुरेश चंद्र दुबे की जन्म तिथि एक जनवरी 1952 है। ऐसे में ये लोग 31 दिसंबर को ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एमपी दुबे अप्रैल और डीन आर्ट्स समाजशास्त्र के प्रोफेसर ए.सत्यनारायण 31 मई को सेवानिवृत्त होंगे।