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विश्वविद्यालय के तीन छात्र निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 02 Jun 2017 01:56 AM IST
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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि वे इस्तीफा देने को हैं तैयार
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अनुशासनहीनता के आरोप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तीन छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 10 जून तक अपना जवाब देने को कहा गया है। 28 अप्रैल को हॉस्टल के मुद्दे पर हुए बवाल के दौरान जिन छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, उनमें तीनों छात्रों के नाम हैं। निलंबित छात्रों में छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा का नाम भी शामिल है। छात्रों का कहना है कि वीसी के भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। निलंबन जैसी कार्रवाई से विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी आवाज नहीं दबा सकेगा।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामसेवक दुबे ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में निरंतर अनुशासनहीनता के आरोप में अदील हमजा, आनंद कुमार सिंह ‘निक्कू’ और अनुभव उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 28 अप्रैल को हुए बवाल में तीनों नामजद हैं। इसके अलावा भी कई मौकों पर इन छात्रों ने अनुशासनहीनता की, जिसकी वजह से इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ जारी छात्रों का आंदोलन और जोर पकड़ सकता है।
छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र पहले से ही निलंबित चल रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन ने रोहित के निलंबन की अवधि भी बढ़ा दी है। निलंबित छात्र आनंद कुमार सिंह का कहना है कि पहले भी आंदोलन के दौरान उन्हें निलंबित और निष्कासित किया जा चुका है, लेकिन बाद में उनका निलंबन एवं निष्कासन वापस हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन को अगर लगता है कि इस तरह की कार्रवाई से छात्रों की आवाज दबाई जा सकती है तो यह विवि प्रशासन की गलतफहमी है। इस कार्रवाई के बाद छात्रों का आंदोलन और मुखर होगा।
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विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो.रामसेवक दुबे ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में निरंतर अनुशासनहीनता के आरोप में अदील हमजा, आनंद कुमार सिंह ‘निक्कू’ और अनुभव उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 28 अप्रैल को हुए बवाल में तीनों नामजद हैं। इसके अलावा भी कई मौकों पर इन छात्रों ने अनुशासनहीनता की, जिसकी वजह से इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ जारी छात्रों का आंदोलन और जोर पकड़ सकता है।
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छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र पहले से ही निलंबित चल रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन ने रोहित के निलंबन की अवधि भी बढ़ा दी है। निलंबित छात्र आनंद कुमार सिंह का कहना है कि पहले भी आंदोलन के दौरान उन्हें निलंबित और निष्कासित किया जा चुका है, लेकिन बाद में उनका निलंबन एवं निष्कासन वापस हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन को अगर लगता है कि इस तरह की कार्रवाई से छात्रों की आवाज दबाई जा सकती है तो यह विवि प्रशासन की गलतफहमी है। इस कार्रवाई के बाद छात्रों का आंदोलन और मुखर होगा।
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