{"_id":"578008b04f1c1b62437f9dd2","slug":"university-entrance-examination-fraud-evidence-submitted-by-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों ने विवि प्रवेश परीक्षा में धांधली के सौंपे साक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों ने विवि प्रवेश परीक्षा में धांधली के सौंपे साक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 09 Jul 2016 01:47 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की शोध (क्रेट) और परास्नातक प्रवेश परीक्षा (पीजीएटी) में गड़बड़ी की बाबत छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को अफसरों को साक्ष्य उपलब्ध कराए। इसमें नकल की वीडियो, पेपर वायरल होने समेत कई अन्य दस्तावेजी साक्ष्य शामिल हैं। छात्रों ने पेपर नहीं छपने, ओएमआर शीट में गड़बड़ी, सील खुले होने समेत कई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। छात्रों ने साक्ष्य और ज्ञापन सुरक्षा एवं छात्र सलाहकार प्रोफेसर माता अंबर तिवारी, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आईआर सिद्दीकी को सौंपे। इसकी प्रति उन्होंने जिला प्रशासन को भी दी है।
छात्र-छात्राओं के आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीजीएटी की जांच की घोषणा की है। इसी परिपेक्ष्य में विद्यार्थियों से साक्ष्य मांगे गए थे। छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के साथ कुलपति दफ्तर पर पहुंचे विद्यार्थियों ने पेपर आउट होने, परीक्षा में शोधार्थियों की ड्यूटी समेत 11 बिंदुओं का आपत्ति पत्र सौंपा। उन्होंने मांग की कि जांच समिति के सदस्य फोन आदि माध्यमों से भी अधिक-अधिक से विद्यार्थियों से जानकारी लें।
इसकेलिए उन्होंने टोल फ्री नंबर, ई-मेल आदि जारी करने की मांग की। छात्रों ने जांच समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक करने की भी मांग की। छात्रसंघ की निवर्तमान अध्यक्ष ऋचा सिंह का कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू, संयुक्त मंत्री श्रवण कुमार जायसवाल, चंदन सिंह, अजीत यादव विधायक, अनिल कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा में गलत प्रश्न तथा जवाब को आधार बनाकर परिणाम निरस्त करने की मांग को लेकर एक और याचिका दाखिल की गई है। शपथ पत्र भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के कौशल सिंह ने दिया है। याचिका में 182 अभ्यर्थी शामिल हैं। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई संभावित है।
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं के आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीजीएटी की जांच की घोषणा की है। इसी परिपेक्ष्य में विद्यार्थियों से साक्ष्य मांगे गए थे। छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के साथ कुलपति दफ्तर पर पहुंचे विद्यार्थियों ने पेपर आउट होने, परीक्षा में शोधार्थियों की ड्यूटी समेत 11 बिंदुओं का आपत्ति पत्र सौंपा। उन्होंने मांग की कि जांच समिति के सदस्य फोन आदि माध्यमों से भी अधिक-अधिक से विद्यार्थियों से जानकारी लें।
विज्ञापन
इसकेलिए उन्होंने टोल फ्री नंबर, ई-मेल आदि जारी करने की मांग की। छात्रों ने जांच समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक करने की भी मांग की। छात्रसंघ की निवर्तमान अध्यक्ष ऋचा सिंह का कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू, संयुक्त मंत्री श्रवण कुमार जायसवाल, चंदन सिंह, अजीत यादव विधायक, अनिल कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा में गलत प्रश्न तथा जवाब को आधार बनाकर परिणाम निरस्त करने की मांग को लेकर एक और याचिका दाखिल की गई है। शपथ पत्र भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के कौशल सिंह ने दिया है। याचिका में 182 अभ्यर्थी शामिल हैं। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई संभावित है।