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Umesh Pal Hatyakand: मां शांति पाल बोलीं-10 दिन बाद पुलिस हत्यारों की परछाईं तक नहीं पकड़ पाई, मिलेगीं सीएम से

Mon, 06 Mar 2023 01:12 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 06 Mar 2023 01:12 AM IST
सार

अब कौन खेलेगा दरवज्जे पर होली, मेरी खुशियों में तो आग लग गईप्रयागराज। त्योहार से पहले घर में घुसकर खेली गई खून की होली ने उमेश पाल के परिजनों की रंगों की होली में आग लगा दी है।

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Umesh Pal Murder- Shanti Pal said - after 10 days police could not even catch killers
Prayagraj News : उमेश पाल की मां शांति पाल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

त्योहार से पहले घर में घुसकर खेली गई खून की होली ने उमेश पाल के परिजनों की रंगों की होली में आग लगा दी है। होली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मां, पत्नी और बच्चों के कलेजे पर दुखों का पहाड़ ऊंचा होता जा रहा है। रविवार को होली का नाम आते ही मां शांति बिलख पड़ीं। बोलीं, रंगे चले न चले, मेरे खातिर क्या? होली के रंग तो दिल में सुलग रहे हैं। मेरी खुशियों में आग लग गई है। उनका कहना था कि होली के दूसरे दिन नौ मार्च को तेरहवीं के बाद वह सीएम योगी से मिलकर अपने बेटे के इंसाफ के लिए गुहार लगाएंगी।

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उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने, सजा दिलाने के लिए जो बड़े-बड़े वादे किए थे, कातिलों को सबक सिखाने का भरोसा दिलाया था, वह सब बेटे की हत्या के 10 दिन बाद शांति के लिए कोरा साबित हुआ है। वह कहती हैं कि पुलिस अभी तक बदमाशों की परछाईं तक नहीं पकड़ पाई है। मैं घर के बाहर नहीं निकल रही हूं।

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किसी की बात अच्छी भी नहीं लगती। तेरहवीं की तैयारी पर उनका कहना था कि कोई तैयारी नहीं है। बेटा चला गया। वह समाज के साथ खड़ा रहता था। समाज के साथ चलता था। लेकिन, इस मौके पर समाज को क्या बताने के लिए बुलाऊं। इसीलिए समाज को नहीं बुलाने का फैसला किया है। सिर्फ 13 ब्राह्मणों को बुलाकर बेटे के लिए शांति पाठ कराऊंगी।

होली की बात आने पर वह भारी मन से कहती हैं कि उमेश होली खेलते थे। बच्चों के संग भी और पूरे समाज के साथ। होली पर सैकड़ों लोग मेरे घर आते थे उमेश भैया से होली खेलने। वह गला भरने के साथ फफक पड़ती हैं। कहती हैं कि अब मेरे दरवज्जे पर कौन खेलेगा होली। अब कौन भैया से होली मिलने आएगा।

मां शांति पाल का कहना है कि इस मामले में योगी सरकार को अपराध की जड़ को उखाड़ना चाहिए। लेकिन, अभी तक उन्हें कुछ भी होता नहीं दिख रहा है। मेरे बेटे को घर पर चढ़कर मारने वाले शूटरों का अभी तक पता नहीं लग पाना कचोट रहा है। पुलिस की कार्यशैली को लेकर उमेश पाल की मां और परिजनों में आक्रोश है। वह चाहते हैं कि इस मामले में जल्द इंसाफ हो। शांति का कहना है कि इस तेरहवीं में नहीं, जब इस कांड को अंजाम देने वाले अपराधी पकड़े या ढेर कर दिए जाएंगे, तब वह समाज के लोगों को बुलाएंगी।

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