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उमेश पाल हत्याकांड : एक गनर को गुड्डू ने मारा था बम, दूसरे को साबिर ने भूना था गोलियों से

Sun, 03 Dec 2023 12:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Dec 2023 12:18 PM IST
सार

उमेश पाल हत्याकांड वारदात के जो सीसीटीवी फुटेज सामने आए, उसमें साफ नजर आया था कि किस तरह दोनाें ने सुरक्षाकर्मियों को मौत के घाट उतारा था। इसमें से संदीप कार के भीतर ही बैठे रह गए थे और पीछे से राइफल लेकर आए साबिर ने कार के भीतर ही गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी।

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Umesh Pal murder case: Guddu had hit one gunner with a bomb, Sabir had fired bullets at the other one.
गुड्डू मुस्लिम। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उमेश पाल हत्याकांड के जिन दो आरोपियों गुड्डू मुस्लिम व साबिर का घर कुर्क किया गया, उन दोनों ने ही उमेश के साथ रहे दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की हत्या की थी। एक गनर राघवेंद्र सिंह को गुड्डू ने बम से उड़ाया था जबकि दूसरे गनर संदीप निषाद को साबिर ने ही गोलियों से भूना था। पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले यह दोनों शूटर अब तक चुनौती बने हुए हैं।

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वारदात के जो सीसीटीवी फुटेज सामने आए, उसमें साफ नजर आया था कि किस तरह दोनाें ने सुरक्षाकर्मियों को मौत के घाट उतारा था। इसमें से संदीप कार के भीतर ही बैठे रह गए थे और पीछे से राइफल लेकर आए साबिर ने कार के भीतर ही गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। जबकि शूटरों की फायरिंग के बीच जान बचाकर घर के भीतर भागे राघवेंद्र को गुड्डू मुस्लिम ने बम से उड़ा दिया था।
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उमेश पाल पर गोलियांं बरसाने वाले असद, गुलाम, विजय चौधरी उर्फ उस्मान मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। हालांकि, दोनों गनर की हत्या करने वाले गुड्डू, साबिर व अरमान अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं।

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राजूपाल हत्याकांड समेत 22 मुकदमे हैं गुड्डू पर

उमेशपाल हत्याकांड का आरोपी गुड्डू मुस्लिम विधायक राजूपाल हत्याकांड में भी नामजद है। पूर्वांचल के कई बाहुबलियों का वह खास गुर्गा रह चुका है। मिनटों में बम बनाने में माहिर इस बदमाश का नाम लखनऊ में दिनदहाड़े एक शिक्षक की हत्या में भी आया था।

उस पर कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 18 प्रयागराज बाकी मुकदमे गोरखपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर में दर्ज हैं। उस पर 1995 में कर्नलगंज थाने से गैंगस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी है। हत्या व हत्या के प्रयास के साथ ही डकैती, लूट, चोरी, अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट समेत तमाम धाराओं में उस पर मुकदमे लिखे गए हैं। गुड्डू लखनऊ में रहने के दौरान माफिया धनंजय सिंह व अभय सिंह के संपर्क में आया। फैजाबाद में ठेकेदार संतोष सिंह की हत्या में भी उसका नाम सामने आया।

लखनऊ में रेलवे टेंडर के लिए हत्या की धमकी, अपहरण आदि की वारदातें लगातार उसने अंजाम दीं। कुख्यात माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ रहकर भी उसने वारदातों को अंजाम दिया। गोरखपुर के ही एक अन्य माफिया परवेज टाडा ने उसे श्रीप्रकाश से मिलवाया था। इसके बाद वह बिहार में माफिया उदयभान की शरण में चला गया।

2001 में उसे गोरखपुर पुलिस ने एक मामले में पटना से गिरफ्तार किया। कहा जाता है कि अतीक ने ही तब उसे रिहा करवाया और इसके बाद से वह अतीक का बेहद खास गुर्गा बन गया। 2005 में राजू पाल हत्याकांड में भी वह आरोपी बनाया गया।

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