उमेश पाल हत्याकांड : सिविल लाइंस में ठेकेदार की हत्या में जेल जा चुका है गुलाम
सीसीटीवी फुटेज से उमेश पाल के जिन शूटरों की पहचान का दावा किया जा रहा है, उसमें मेंहदौरी का रहने वाला गुलाम हसन भी है। गुलाम न सिर्फ अतीक का करीबी है बल्कि जेल में बंद एक भाजपा नेता का भी खास हो गया था।
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सीसीटीवी फुटेज से उमेश पाल के जिन शूटरों की पहचान का दावा किया जा रहा है, उसमें मेंहदौरी का रहने वाला गुलाम हसन भी है। गुलाम न सिर्फ अतीक का करीबी है बल्कि जेल में बंद एक भाजपा नेता का भी खास हो गया था। भाजपा नेता जब पैरोल पर बाहर आते तो गुलाम उनके साथ ही रहता था। सिविल लाइंस में 2013 में ठेकेदार की हत्या में उसे जेल भेजा गया था।
मेंहदौरी के रहने वाले गुलाम हसन का भाई राहिल भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष है। घटना वाली रात ही राहिल को उठा लिया गया था। तब लोगों को कुछ समझ नहीं आया था कि शूटरों से राहिल का क्या कनेक्शन है। जब अगले दिन जब सीसीटीवी फुटेज जारी हुआ, तो उसमें गुलाम का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था।
गुलाम अतीक का बेहद करीबी है। वह पहले नगर निगम में ठेकेदारी करता था। 2013 में ठेकेदारी के विवाद में चंदन सिंह की हत्या कर दी गई थी। गुलाम को चंदन की हत्या में जेल भेजा गया था। वह कई साल जेल में रहा। जेल में उसकी मुलाकात भाजपा के नेता से हुई। जल्द ही वह भाजपा नेता का भी करीबी हो गया। कुछ साल गुलाम जेल से छूट गया। भाजपा नेता जब भी पैरोल पर छूटते गुलाम उनके साथ रहता था। पुलिस ने अभी तक राहिल को नहीं छोड़ा है। अन्य करीबियों से भी गुलाम के बारे में पूछताछ की जा रही है।
राजू पाल हत्याकांड की पूरक चार्जशीट में आया था गुड्डू मुस्लिम का नाम
सीसीटीवी फुटेज से जिस दूसरे शख्स की पहचान का दावा गुड्डू मुस्लिम के रूप में किया जा रहा है, वह राजू पाल हत्याकांड में भी शामिल था। एफआईआर में तो गुड्डू मुस्लिम का नाम नहीं था लेकिन सीबीसीआईडी की पूरक चार्जशीट में गुड्डू मुस्लिम को शामिल किया गया था। राजरूपपुर का रहने वाला गुड्डू मुस्लिम अतीक के बेहद करीबियों में शुमार किया जाता है। उसके पूर्वांचल और बिहार के माफियाओं से भी संबंध रहे हैं।
करीब 15 साल पहले गोरखपुर में उसे गिरफ्तार किया गया था। तब अतीक ने उसकी जमानत कराई थी। इसके बाद से ही वह अतीक का करीबी हो गया था। बसपा सरकार के दौरान इंजीनियर हत्याकांड में भी गुड्डू का नाम आया था। वह लखनऊ में रहा है। माफियाओं को टेंडर पूल कराने का काम करता था।
अरमान का खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास
सीसीटीवी फुटेज में तीसरे शख्स को सिविल लाइंस का अरमान बताया जा रहा है। अरमान के बारे में पुलिस को ज्यादा नहीं मालूम है। उसके आपराधिक इतिहास के बारे में पता किया जा रहा है। वह मूल रूप से वह बिहार के आरा का रहने वाला है। कई साल से प्रयागराज में रहकर कबाब पराठा की दुकान चलाता है। अतीक के गुर्गे आशिक उर्फ मल्ली के साथ अरमान का उठना बैठना था। उसकी तलाश में एक टीम को बिहार भी भेजा गया है।
काले कपड़े में अतीक का बेटा असद
सीसीटीवी फुटेज में जो शख्स काले रंग के कपड़े पहनकर लगातार गोलियां चला रहा है, उसे ही अतीक का तीसरा बेटा असद बताया जा रहा है। असद का अभी तक कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। वह सेंट जोसेफ कॉलेज का छात्र है। असद बहुत कम उम्र से ही तेज रफ्तार में गाड़ियां चलाने लगा था। एक शादी में उसे हर्ष फायरिंग करते भी देखा गया था।