फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Umesh Pal murder case: Atiq lawyer Khan Soulat Hanif took the name of Vijay Mishra

उमेश पाल हत्याकांड : अतीक के करीबी वकील खान सौलत हनीफ ने लिया था विजय मिश्र का नाम, उमेश पाल की दी थी लोकेशन

Sun, 30 Jul 2023 04:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 30 Jul 2023 04:50 PM IST
सार

माफिया अतीक अहमद के वकील विजय मिश्र को रविवार को न्यायालय में पेश करने के बाद कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। आरोप है कि विजय मिश्र को फरार चल रही शाइस्ता परवीन के लोकेशन की जानकारी है। वह शाइस्ता परवीन से अक्सर मुलाकात भी करता था और अतीक के बेनामी संपत्तियों की जानकारी जुटाने में लगा था। 

विज्ञापन
Umesh Pal murder case: Atiq lawyer Khan Soulat Hanif took the name of Vijay Mishra
विजय मिश्र अधिवक्ता और अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी बनाए गए माफिया अतीक अहमद के करीबी वकील खान सौलत हनीफ ने रिमांड के दौरान पुलिस की पूछताछ में अधिवक्ता विजय मिश्र का नाम  लिया था। सौलत हनीफ ने पुलिस को बताया था कि विजय मिश्र ने उनके सामने ही हत्यारों को उमेश पाल की लोकेशन दी थी। उमेश पाल जब कचहरी से निकल रहे थे तो विजय मिश्र ने इंटरनेट कॉल के जरिए शूटरों को उनकी लोकेशन दी थी। इसके बाद से ही विजय मिश्र पुलिस की रडार पर आ गए थे।

विज्ञापन

 

 

विज्ञापन

 

 



हालांकि पुलिस ने लिखा पढ़ी में यह दर्ज नहीं किया था कि लोकेशन देने वाले विजय मिश्र कौन हैं। अतीक के वकील या कोई और। रविवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बयान जारी किया कि उमेश पाल की हत्या में विजय मिश्र वांछित थे। पुलिस काफी समय से उसकी खोजबीन कर रही थी। इसी दौरान फर्नीचर व्यवयासी से तीन करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का ऑडियो वायरल होने पर पुलिस ने विजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

शाइस्ता परवीन से लगातार हो रही थीं मुलाकातें

पुलिस सूत्रों की मानें तो अधिवक्ता विजय मिश्र की अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन से लागातार मुलाकातें हो रही थीं। वह अतीक की बेनामी संपत्तियों की जानकारी जुटाने में लगा था और अतीक के प्रॉपर्टी के कागजातों को तैयार कर रहा था। 50 हजार रुपये की इनामी शाइस्ता परवीन उमेश पाल की हत्या के बाद से ही फरार चल रही थी। बेटे, पति और देवर की हत्या के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस को अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है, लेकिन विजय मिश्र को शाइस्ता के लोकेशन की जानकारी थी और वह अक्सर उससे मिलने के लिए जाता था। 

1.20 लाख की प्लाई उधार में ले गया था विजय

पुलिस के मुताबिक लकड़ी व्यवसायी सईद अहमद ने बताया है कि उनकी मुट्ठीगंज में प्लाईवुड की दुकान है। पांच जनवरी को विजय मिश्रा लगभग 1.20 लाख की प्लाई और माइका उधार ले गए थे। आरोप लगाया कि 17 अप्रैल को दुकान के कर्मचारी शेखर ने जब उन्हें फोन करके बकाया रकम जमा कराने के लिए कहा तो उन्होंने गालियां दीं। धमकाते हुए फोन रख दिया। 20 अप्रैल को विजय ने उन्हें फोन करके अतीक अहमद व उसके गुर्गों के नाम पर तीन करोड़ की रंगदारी मांगी। न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। फिलहाल, पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।

एफआईआर में देरी पर उठे थे सवाल

एक महीने पहले मांगी गई रंगदारी की रिपोर्ट एक महीने बाद क्यों लिखाई गई है। इसे तुरंत ही क्यों नहीं दर्ज कराया गया? जिस अतीक-अशरफ के हवाले से धमकी देने की बात कही जा रही है, उनका तो 15 अप्रैल को ही पुलिस कस्टडी में कत्ल हो चुका था। फिर, डर किसका था?

व्यवसायी से भी हुई थी पूछताछ

पुख्ता पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस लकड़ी व्यवसायी सईद अहमद ने विजय मिश्रा पर मुकदमा दर्ज कराया है, अतीक-अशरफ की हत्या के बाद पुलिस उससे भी लंबी पूछताछ कर चुकी है। दरअसल, माफिया भाइयों की हत्या के बाद पुलिस को एक कॉल रिकॉर्डिंग मिली थी, जिसके बाद व्यवसायी शक के दायरे में आ गया था। इस रिकॉर्डिंग में उसके और विजय मिश्रा के बीच अतीक के रुपयों को लेकर बातचीत थी। तब, चर्चा रही थी कि अतीक ने शहर के कई व्यापारियों को कारोबार के लिए रुपये दिए थे। उसी सिलसिले में सईद से पूछताछ हुई थी। बाद में, उन्हें छोड़ दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed