फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Umesh Pal kidnapping case: Police fail to find conspiracy, Ashraf-Abid Pradhan benefited

उमेश पाल अपहरण कांड : साजिश के तार ढूंढने में पुलिस नाकाम, अशरफ-आबिद प्रधान को मिला फायदा

Wed, 29 Mar 2023 08:08 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 29 Mar 2023 08:08 AM IST
सार

अतीक के भाई अशरफ और आबिद प्रधान के दोषमुक्त होने से वादी के परिवार में निराशा भी है। कानून के जानकारों का कहना है कि साजिश के तार ढूंढने में पुलिस की नाकामी अभियोजन पक्ष के लिए एक बड़ी कमजोरी साबित हुई।

विज्ञापन
Umesh Pal kidnapping case: Police fail to find conspiracy, Ashraf-Abid Pradhan benefited
अशरफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अतीक के भाई अशरफ और आबिद प्रधान के दोषमुक्त होने से वादी के परिवार में निराशा भी है। कानून के जानकारों का कहना है कि साजिश के तार ढूंढने में पुलिस की नाकामी अभियोजन पक्ष के लिए एक बड़ी कमजोरी साबित हुई। इसका फायदा आरोपियों को मिला और उन्हें बरी कर दिया गया।

विज्ञापन


उमेश पाल ने एफआईआर में बताया था कि राजू पाल की हत्या का गवाह होने के कारण अतीक और उसका भाई अशरफ जानमाल की धमकी दे रहा है। हालांकि एफआईआर में अशरफ व आबिद की और कोई भूमिका नहीं दर्शाई गई। जिस समय यह घटना हुई थी, तब दोनों जेल में थे। उमेश ने कोर्ट में यह बताया था कि आबिद और अशरफ जेल से धमकाते थे।
विज्ञापन


उनके आदमी घर पर आते थे और धमकी देकर चले जाते थे। तीन से चार बार ऐसा हुआ। हालांकि पुलिस धमकाने वालों का पता नहीं लगा सकी। जेल में इन दोनों से इस घटना का कोई सह अभियुक्त मिला था, इसका कोई साक्ष्य भी नहीं मिला। जेल में दोनों से किसी अभियुक्त के बीच वार्तालाप हुई हो, इसका भी कोई सबूत पुलिस नहीं ढूंढ़ सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन

विवेचना में लापरवाही रही मददगार
उमेश पाल ने जेल से धमकी देने की बात दरोगा को बताई थी। हालांकि कोर्ट में उसने बयान दिया था कि अशरफ व आबिद मोबाइल फोन से धमकी दिया करते थे। बयानों में भिन्नता के सवाल पर उमेश ने कहा था कि विवेचक ने फोन से धमकी देने की बात कैसे लिख ली, उन्हें नहीं पता। विवेचना में यह लापरवाही आरोपियों के लिए फायदेमंद साबित हुई।

अशरफ की लाइसेंसी पिस्टल प्रयुक्त होने का लगा था आरोप
इस घटना में जो लाइसेंसी पिस्टल प्रयुक्त की गई, वह अशरफ की थी। धूमनगंज थाना प्रभारी निरीक्षक ने 11 मई 2011 को अशरफ को बरामदगी के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया लेकिन, पिस्टल बरामद नहीं कर पाए। इसके बाद अशरफ के खिलाफ आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा दर्ज किया गया। चार्जशीट भी प्रेषित कर दी गई। विचारण के दौरान पाया गया घटना के दौरान अशरफ जेल में था और उसने जानबूझकर अपनी लाइसेंसी पिस्टल सह अभियुक्तों को दी इसका भी कोई साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका।

पांच अन्य अभियुक्तों को इसका मिला फायदा
पांच अन्य अभियुक्तों जावेद, फरहान, एजाज अख्तर, इसरार व आसिफ उर्फ मल्ली को बरी किया गया, क्योंकि उनके खिलाफ भी पर्याप्त सबूत नहीं थे। प्रथम सूचना रिपोर्ट में यह पांचों नामजद नहीं थे। इनके नाम का उल्लेख ना तो वादी की ओर से पुलिस व कोर्ट में दर्ज कराए गए बयान में ही था।। इनकी संलिप्तता के संदर्भ में कोई साक्ष्य नहीं मिला। इन पांचों का नाम घटना के चश्मदीद दिलीप पाल ने लिया था। इसी आधार पर आरोप पत्र में इनका नाम शामिल किया गया था। ब

यान में उसने बताया था कि यह पांचों अभियुक्त घटना के दौरान चैलेंजर गाड़ी में मौजूद थे। हालांकि पुलिस इस चैलेंजर गाड़ी को ही बरामद नहीं कर सकी। उमेश पाल ने भी अपने किसी बयान में इन आरोपियों का नाम नहीं लिया। ऐसे में सवाल यह उठा कि आखिर दिलीप ने उमेश पाल को तब इन आरोपियों का नाम क्यों नहीं बताया। अगर दिलीप ने आरोपियों का नाम बताया होता तो 17 महीने बाद रिपोर्ट दर्ज कराने वाले उमेश पाल ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में ही इन अभियुक्तों का नाम शामिल किया होता।

सात साल बाद कठघरे में मिला अतीक-अशरफ को घंटे भर का साथ,कान में होती रही बातें
एमपीएमएलए कोर्ट में मंगलवार को माफिया अतीक अहमद अपने भाई अशरफ से सात साल बाद मिला। कोर्ट में पेशी के दौरान कठघरे में दोनों भाइयों को घंटे भर का साथ मिला। इस दौरान कई बार आंखें भी नम हुईं और दिल भी तड़पा। माफिया अतीक ने भीगी पलकों से भाई के कानों में कई बार दिल की बातें भी कीं। समझा जा रहा है कि वह घर से लेकर मौजूदा हालात पर अशरफ से बातें करता रहा। इस दौरान सजा सुनाए जाने के बाद अतीक अपने भाई अशरफ से गले लगकर रोता नजर आया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed