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Prayagraj : उज्ज्वल रमण बोले- तथ्यों को नहीं छिपाया, पांच साल पहले दर्द मुकदमे की नहीं थी जानकारी
Wed, 08 May 2024 02:24 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 08 May 2024 02:24 PM IST
सार
इलाहाबाद सीट के चुनाव अधिकारी सीडीओ गौरव कुमार ने सुनवाई के लिए दोनों प्रत्याशियों को मंगलवार को दो बजे बुलाया था। सुनवाई के बाद दोनों ही प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए। उज्ज्वल रमण का कहना था कि उन्होंने तथ्यों को नहीं छिपाया।
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इलाहाबाद लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी उज्ज्वल रमण सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार उज्ज्वल रमण सिंह और भाजपा के नीरज त्रिपाठी ने एक-दूसरे की शिकायत की थी। उज्ज्वल के खिलाफ शिकायत थी कि उन पर नैनी थाने में धारा 144 का उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज हैं। यह मुकदमा 2020 में दर्ज हुआ था, लेकिन हलफनामा में उन्होंने इस तथ्य का उल्लेख नहीं किया है। इसी तरह नीरज त्रिपाठी के खिलाफ हलफनामा में संपत्ति के बारे में सही जानकारी नहीं देने समेत अन्य शिकायतें थीं।
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इलाहाबाद सीट के चुनाव अधिकारी सीडीओ गौरव कुमार ने सुनवाई के लिए दोनों प्रत्याशियों को मंगलवार को दो बजे बुलाया था। सुनवाई के बाद दोनों ही प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए। उज्ज्वल रमण का कहना था कि उन्होंने तथ्यों को नहीं छिपाया। इस मुकदमे की उन्हें जानकारी ही नहीं थी। इसका कोई नोटिस भी नहीं आया है। नामांकन पत्रों की जांच के दिन अचानक उन्हें बुलाया गया तब पता चला।
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सीडीओ ने बताया कि नामांकन पत्र में भरे तथ्यों की जांच का अधिकार चुनाव अधिकारी को नहीं होता। नामांकन फार्म की जांच में यह देखा जाता है कि सभी कॉलम भरे हुए हैं या नहीं। दोनों उम्मीदवारों के फार्म सही भरे गए हैं। इसलिए इनके नामांकन वैध पाए गए। तथ्याें को चुनौती निर्वाचन आयोग तथा न्यायालय में दी जा सकती है।
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