{"_id":"539bdca01f5ba6683a46b8d258c843c0","slug":"ugiatti-apply-for-all-other-ips-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूजीएटी, आईपीएस छोड़ अन्य सभी के लिए ऑनलाइन आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूजीएटी, आईपीएस छोड़ अन्य सभी के लिए ऑनलाइन आवेदन
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 22 Feb 2015 12:24 AM IST
विज्ञापन
अब सिर्फ इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्नातक प्रवेश परीक्षा (यूजीएटी) और इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के पाठ्यक्रमों के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से आवेदन किया जा सकेगा। इनके अलावा अन्य सभी प्रवेश परीक्षाओं के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किया जाएगा। प्रवेश समिति की शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में विकलांग कोटे के लेकर उठे विवाद का भी हल निकाल लिया गया।
पिछले साल विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमबीए, एमबीएआरडी, एलएलएम, बीएड, एमएड के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन मांगा था। अन्य के लिए ऑनलाइन और आफलाइन दोनों तरीके से आवेदन स्वीकार किया गया था। शनिवार को समिति की बैठक में प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से सभी प्रवेश परीक्षाओं के लिए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन समिति के सदस्यों ने इसे आंशिक रूप से माना। निर्णय हुआ कि आईपीएस ओर यूजीएटी को छोड़ अन्य सभी प्रवेश परीक्षाओं के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में विकलांग कोटे के अंतर्गत प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर प्रवेश देने का निर्णय लिया गया। विकलांगता का प्रतिशत कोई मानक नहीं होगा। 40 से 80 फीसदी विकलांगता वाले अभ्यर्थियाें को ही इस कोटा का लाभ दिया जाएगा। समिति केसदस्यों ने निर्णय लिया कि ऐसे में प्रवेश परीक्षा में मिले नंबर के आधार पर मेरिट तैयार करने में ही आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा हर विभाग में पांच सीट या इससे अधिक सीट होने पर विकलांग कोटे के तहत एक प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। प्रकोष्ठ की ओर से परास्नातक प्रवेश परीक्षा (पीजीएटी) के लिए वस्तुनिष्ठ आधारित प्रश्नपत्र का प्रस्ताव भी रखा गया था लेकिन समिति ने इसे स्वीकार नहीं किया। पूर्व की तरह परंपरागत पेपर ही होगा। प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर जगदम्बा सिंह ने बताया कि अन्य प्रवेश परीक्षाओं के प्रारूप में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। स्नातक कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमबीए, एमबीएआरडी, एलएलएम, बीएड, एमएड के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन मांगा था। अन्य के लिए ऑनलाइन और आफलाइन दोनों तरीके से आवेदन स्वीकार किया गया था। शनिवार को समिति की बैठक में प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से सभी प्रवेश परीक्षाओं के लिए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन समिति के सदस्यों ने इसे आंशिक रूप से माना। निर्णय हुआ कि आईपीएस ओर यूजीएटी को छोड़ अन्य सभी प्रवेश परीक्षाओं के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अलावा बैठक में विकलांग कोटे के अंतर्गत प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर प्रवेश देने का निर्णय लिया गया। विकलांगता का प्रतिशत कोई मानक नहीं होगा। 40 से 80 फीसदी विकलांगता वाले अभ्यर्थियाें को ही इस कोटा का लाभ दिया जाएगा। समिति केसदस्यों ने निर्णय लिया कि ऐसे में प्रवेश परीक्षा में मिले नंबर के आधार पर मेरिट तैयार करने में ही आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा हर विभाग में पांच सीट या इससे अधिक सीट होने पर विकलांग कोटे के तहत एक प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। प्रकोष्ठ की ओर से परास्नातक प्रवेश परीक्षा (पीजीएटी) के लिए वस्तुनिष्ठ आधारित प्रश्नपत्र का प्रस्ताव भी रखा गया था लेकिन समिति ने इसे स्वीकार नहीं किया। पूर्व की तरह परंपरागत पेपर ही होगा। प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर जगदम्बा सिंह ने बताया कि अन्य प्रवेश परीक्षाओं के प्रारूप में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। स्नातक कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन