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यूजीसी का मूक्स पर ध्यान, विवि से मांगी पाठ्यक्रमाें की सूची
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 02 Feb 2017 02:18 AM IST
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यूजीसी
- फोटो : demo
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल सफल हुई तो मैसिव ऑनलाइन ओपेन कोर्स (मूक्स) जल्द ही पढ़ाई का नया विकल्प होगा। ‘स्वयं’ प्लेटफार्म के अंतर्गत इसमें शामिल पाठ्यक्रमों पर डिग्री तथा क्रेडिट देने का निर्णय लिया जा चुका है। अब यूजीसी ने पत्र लिखकर सभी विश्वविद्यालयों में शुरू होने वाले मूक्स कोर्सेज के बारे में जानकारी मांगी है।
यूजीसी बोर्ड की बैठक में ऑनलाइन कोर्सेज को मान्यता दे दी गई है। इसका मकसद दूरदराज तथा नौकरी पेशा लोगों के लिए उच्च शिक्षा सुलभ करने के अलावा यूनिवर्सिटी तथा कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को एक और विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत यूजीसी ने 100 से अधिक पाठ्यक्रम डिजाइन किए हैं। नियमावली के साथ इनका सिलेबस और परीक्षा का प्रारूप भी तय हो चुका है। इन्हें यूजीसी की वेबसाइट के अलावा ‘स्वयं प्लेटफार्म’ पर ऑनलाइन कर दिया गया है। ज्यादातर विश्वविद्यालयों में क्रेडिट बेस्ड च्वॉयस सिस्टम (सीबीसीएस) लागू कर दिया गया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी परास्नातक स्तर पर सीबीसीएस लागू हो गया है। हालांकि स्नातक पाठ्यक्रमों में अभी सीबीसीएस लागू होने में समय लग सकता है। खास यह कि सीबीसीएस के तहत स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी मूक्स के माध्यम से भी क्रेडिट हासिल कर सकते हैं। यानी, जरूरी क्रेडिट हासिल करने के लिए उन्हें एक और माध्यम मिल गया है। यूजीसी विश्वविद्यालयों से आगामी सत्र से शुरू होने वाले मूक्स कोर्सेज की जानकारी मांगी है। पूरी जानकारी 20 फरवरी तक भेजनी है।
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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में मूक्स कोर्सेज शुरू किए जाएंगे। इसके लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। हालांकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अभी इसके लिए इंतजार करना होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्वयं प्लेटफार्म (मूक्स) के अंतर्गत 350 ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। खास यह कि विस्तार के लिए शिक्षा को समर्पित डीटीएच चैनलों से भी इन्हें जोड़े जाने की घोषणा की। इन प्रस्तावों को यूजीसी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
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यूजीसी बोर्ड की बैठक में ऑनलाइन कोर्सेज को मान्यता दे दी गई है। इसका मकसद दूरदराज तथा नौकरी पेशा लोगों के लिए उच्च शिक्षा सुलभ करने के अलावा यूनिवर्सिटी तथा कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को एक और विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत यूजीसी ने 100 से अधिक पाठ्यक्रम डिजाइन किए हैं। नियमावली के साथ इनका सिलेबस और परीक्षा का प्रारूप भी तय हो चुका है। इन्हें यूजीसी की वेबसाइट के अलावा ‘स्वयं प्लेटफार्म’ पर ऑनलाइन कर दिया गया है। ज्यादातर विश्वविद्यालयों में क्रेडिट बेस्ड च्वॉयस सिस्टम (सीबीसीएस) लागू कर दिया गया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी परास्नातक स्तर पर सीबीसीएस लागू हो गया है। हालांकि स्नातक पाठ्यक्रमों में अभी सीबीसीएस लागू होने में समय लग सकता है। खास यह कि सीबीसीएस के तहत स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी मूक्स के माध्यम से भी क्रेडिट हासिल कर सकते हैं। यानी, जरूरी क्रेडिट हासिल करने के लिए उन्हें एक और माध्यम मिल गया है। यूजीसी विश्वविद्यालयों से आगामी सत्र से शुरू होने वाले मूक्स कोर्सेज की जानकारी मांगी है। पूरी जानकारी 20 फरवरी तक भेजनी है।
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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में मूक्स कोर्सेज शुरू किए जाएंगे। इसके लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। हालांकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अभी इसके लिए इंतजार करना होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्वयं प्लेटफार्म (मूक्स) के अंतर्गत 350 ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। खास यह कि विस्तार के लिए शिक्षा को समर्पित डीटीएच चैनलों से भी इन्हें जोड़े जाने की घोषणा की। इन प्रस्तावों को यूजीसी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।